पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस संकट: इंजीनियरों की हड़ताल से सभी उड़ानें ठप
पाकिस्तान की प्रमुख एयरलाइन पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) इन दिनों अपने सबसे गंभीर संकट से गुजर रही है। इंजीनियरों ने कम वेतन और खराब कार्य परिस्थितियों के विरोध में हड़ताल शुरू कर दी है।

3 नवंबर 2025 को इंजीनियरों ने विमान की अनिवार्य एयरवर्दीनेस जांच (Airworthiness Checks) करने से मना कर दिया, जिसके चलते एयरलाइन को अपनी सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रोकनी पड़ीं।
इंजीनियरों का विरोध और उड़ानों का ग्राउंड होना
यह विरोध महीनों से जमा आक्रोश का परिणाम है। सोसाइटी ऑफ एयरक्राफ्ट इंजीनियर्स पाकिस्तान (SAEP) ने घोषणा की कि जब तक कर्मचारियों का बकाया वेतन नहीं दिया जाता और लंबे समय से लंबित माँगें पूरी नहीं होतीं, तब तक कोई भी विमान प्रमाणित नहीं किया जाएगा।
पिछले दो महीने से अधिक समय से इंजीनियर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे,
लेकिन प्रबंधन से कोई समाधान नहीं मिला। अंततः जब बातचीत असफल हुई, तो उन्होंने विमानों की सुरक्षा प्रमाणन देना बंद कर दिया, जिससे देशभर में उड़ानें ठप हो गईं। इस अचानक फैसले से हजारों यात्री हवाई अड्डों पर फंस गए, और उमराह यात्रा सहित कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा। प्रमुख हवाई अड्डों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
PIA की वित्तीय स्थिति बिगड़ती जा रही है
पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस संकट कोई नया नहीं है। यह एयरलाइन लंबे समय से वित्तीय कठिनाइयों से जूझ रही है।
लगभग 7,000 कर्मचारियों को नवंबर माह का वेतन नहीं मिला है, जिससे असंतोष बढ़ गया है।
कर्मचारियों का कहना है कि लगभग पंद्रह और विमान खराब रखरखाव के कारण ग्राउंड हो सकते हैं,
और इंजीनियर किसी भी असुरक्षित विमान को मंजूरी नहीं देंगे।
प्रबंधन की प्रतिक्रिया और समाधान की तलाश
PIA प्रबंधन ने इन विरोधों को “ग़ैरक़ानूनी तोड़फोड़” करार दिया है और कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
वहीं यूनियन ने झुकने से इनकार कर दिया है। एयरलाइन के सीईओ ने इंजीनियरों से काम पर लौटने की अपील करते हुए कहा है कि शिकायतों का समाधान जल्द किया जाएगा।
एयरलाइन ने सरकार से तात्कालिक आर्थिक सहायता मांगी है ताकि वह पूरी तरह से बंद होने से बच सके।
लेकिन बिना किसी ठोस कदम और पुनर्गठन के, PIA का भविष्य अभी भी अनिश्चित है।
पाकिस्तान की एविएशन इंडस्ट्री पर असर
यह स्थिति केवल यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे पाकिस्तान के विमानन क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है।
पहले से ही सुरक्षा जांच, प्रतिबंधों और भ्रष्टाचार के कारण उद्योग की साख पर सवाल उठते रहे हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, PIA के लगभग 75% विमान समय-समय पर ग्राउंड रहते हैं, और उड़ानों की रद्दीकरण आम बात बन गई है। इस राष्ट्रीय एयरलाइन की वापसी तभी संभव है जब पारदर्शी प्रबंधन, आर्थिक सुधार और ईमानदार नेतृत्व लागू किया जाए।
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पाकिस्तान के सरकारी उपक्रम किस तरह से बदइंतज़ामी, ऋण और जवाबदेही की कमी के कारण कमजोर हैं।
इस पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस संकट से निकलने के लिए आर्थिक और प्रबंधकीय ढांचे में तत्काल सुधार की आवश्यकता है।
जब तक ऐसा नहीं होता, पाकिस्तान के आसमान में सन्नाटा बना रहेगा — और एक राष्ट्रीय प्रतीक खतरे में लटका रहेगा।
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