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एलन मस्क भी रह गए हैरान! YouTube ने लॉन्च किया बड़ा फीचर – अब यूज़र्स तय करेंगे वे क्या देखना चाहते हैं

डिजिटल दुनिया में कंटेंट की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। हर प्लेटफॉर्म अपनी पहचान बनाने के लिए नए फीचर ला रहा है, लेकिन इस बार YouTube ने ऐसा कदम उठाया है जिसने न सिर्फ दर्शकों को चौंका दिया बल्कि टेक उद्योग के दिग्गज एलन मस्क तक को हैरान कर दिया है। YouTube ने एक शक्तिशाली YouTube कस्टम फीचर लॉन्च किया है, जो यूज़र्स को यह चुनने देगा कि वे किस तरह का कंटेंट देखना चाहते हैं।

YouTube कस्टम फीचर

यह कदम उस समय आया है जब एलन मस्क ने हाल ही में अपने प्लेटफॉर्म X पर इसी तरह का फीचर लाने का वादा किया था।

यानी YouTube ने मस्क से पहले ही बाज़ी मार ली है।


YouTube कस्टम फीचर – आखिर है क्या?

YouTube ने पुष्टि की है कि नया फीचर यूज़र्स को अपने होम फ़ीड और वीडियो सुझावों पर सीधा नियंत्रण देगा।

यूज़र्स कर सकेंगे:

  • अपने पसंदीदा विषय चुनना
  • अप्रासंगिक कंटेंट हटाना
  • अपनी रुचियों के हिसाब से होम फ़ीड को कस्टमाइज़ करना
  • जिन कैटिगरी, क्रिएटर्स या वीडियो टाइप को नहीं देखना चाहते, उन्हें ब्लॉक करना
  • लगातार बदलती पसंद के अनुसार फीड अपडेट करना

YouTube का कहना है कि यह फीचर यूज़र्स के व्यक्तिगत अनुभव को मजबूत करेगा

और उन्हें सिर्फ वही कंटेंट दिखाएगा जो वे वास्तव में देखना चाहते हैं।


क्यों एलन मस्क के लिए यह खबर चौंकाने वाली है?

हाल ही में एलन मस्क ने घोषणा की थी कहा कि X (पूर्व ट्विटर) जल्द ही ऐसा फीचर लाएगा जहाँ यूज़र्स अपनी पसंद के “कंटेंट गैलेक्‍सी” चुन सकेंगे।

लेकिन YouTube ने यह फीचर पहले पेश कर मस्क को सीधे चुनौती दी है।

टेक उद्योग में अक्सर:

  • Facebook vs YouTube
  • X vs Threads
  • Instagram vs TikTok

जैसी प्रतिस्पर्धा दिखती है, लेकिन इस बार YouTube ने मस्क की योजना को सीधे बाजार से पहले लागू कर दिया।


यूज़र्स क्यों इतने उत्साहित हैं?

YouTube का सबसे बड़ा फायदा है – इसका विशाल कंटेंट लाइब्रेरी।

हालांकि इसकी सबसे बड़ी समस्या भी यही रही है।

यूज़र्स अक्सर शिकायत करते थे कि:

  • होम फ़ीड में अनचाहे वीडियो दिखते हैं
  • एल्गोरिथम कभी-कभी पसंद को समझ नहीं पाता
  • अप्रासंगिक वीडियो आने से उनका देखने का अनुभव खराब हो जाता है

अब नया फीचर इन सभी समस्याओं का स्थायी समाधान बन सकता है।

लोग इस फीचर को गेम-चेंजर क्यों कह रहे हैं?

  • अब व्यूज़ यूज़र की पसंद पर निर्भर होंगे, सिर्फ एल्गोरिथम पर नहीं
  • नए क्रिएटर्स को भी अवसर मिलेगा क्योंकि यूज़र्स विशेष विषय चुन सकेंगे
  • वे बच्चे जिनके मोबाइल में YouTube चलता है, उनके लिए सुरक्षित कंटेंट चुना जा सकेगा
  • YouTube की व्यस्तता (Engagement) और संतुष्टि (Satisfaction) बढ़ेगी

क्या यह फीचर कंटेंट क्रिएटर्स पर असर डालेगा?

हाँ, और बहुत बड़ा।

1. अनचाहे दर्शक नहीं मिलेंगे

क्रिएटर्स को वही दर्शक मिलेंगे जिन्हें वास्तव में उनके विषय में रुचि है।

2. वीडियो की गुणवत्ता पर दबाव बढ़ेगा

क्योंकि यूज़र यदि चाहेगा तो एक क्लिक में उस श्रेणी को ब्लॉक कर देगा।

3. निचे कंटेंट को बढ़ावा मिलेगा

उदाहरण:

खाना बनाना, टेक्सटाइल, कृषि, भाषा सीखना, मोटिवेशन जैसे विषयों को नया दर्शक वर्ग मिल सकता है।

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YouTube का यह कदम AI पर भी बड़ा संकेत देता है

YouTube ने कहा कि यह YouTube कस्टम फीचर न सिर्फ कस्टमाइज़ेशन देगा,

बल्कि भविष्य की AI-आधारित व्यक्तिगत अनुशंसा प्रणाली को मजबूत करेगा।

मतलब – YouTube अब सिर्फ वीडियो प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि एक AI-संचालित व्यक्तिगत मनोरंजन मंच बन रहा है।

और यह सब एलन मस्क की “AI कंटेंट कंट्रोल” घोषणा से पहले ही हो गया।

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