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क्या Apple भी Nokia जैसी गलती कर रहा है? AI रेस में Apple कहाँ खड़ा है?

तकनीकी दुनिया में बदलाव की रफ्तार इतनी तेज है कि दिग्गज कंपनियाँ भी चूक जाएँ तो इतिहास बन जाता है। एक समय था जब फोन दुनिया पर Nokia का राज था। लेकिन स्मार्टफोन क्रांति को समय पर न समझ पाने की वजह से Nokia कभी उभर नहीं पाया। आज उसी चर्चा के बीच एक सवाल उठ रहा है क्या Apple भी वही गलती दोहरा रहा है? क्या Apple AI रेस में पीछे छूट रहा है?

Apple AI रेस

आइए इस पर विस्तार से नज़र डालते हैं।


AI रेस दुनिया बदल रही है – लेकिन Apple देर से उतरा

Google, OpenAI, Microsoft, Meta, Amazon – सब AI में आक्रामक तरीके से निवेश कर रहे हैं।

लेकिन Apple वर्षों तक चुप रहा।

जब बाकी कंपनियाँ:

  • जेनरेटिव AI
  • बड़े भाषा मॉडल
  • आर्टिफिशियल ब्रेन
  • AI असिस्टेंट

की दिशा में बड़े कदम उठा रही थीं, Apple ने सुरक्षा, गोपनीयता और हार्डवेयर प्राथमिकता पर ध्यान रखा।

यही कारण है कि दुनिया पूछ रही है: क्या Apple AI लहर को मिस कर रहा है?


Nokia भी यही गलती कर चुका था

Nokia का सबसे बड़ा भ्रम यह था कि:

  • लोग हार्डवेयर को सबसे ज्यादा महत्व देंगे
  • पुराना सॉफ्टवेयर (Symbian) ही काफी है
  • बदलाव की जरूरत नहीं

लेकिन बाजार बदल गया।
लोग स्मार्टफोन चाहते थे – AI नहीं, पर उसके शुरुआती स्वरूप ऐप-बेस्ड, टच-सेंट्रिक अनुभव।

और Apple आगे निकल गया।

आज Apple खुद स्मार्टफोन का राजा है।

लेकिन AI की नई लहर उससे यही सवाल कर रही है: आप बदल रहे हैं या वहीँ ठहरे हैं?


AI में Apple की स्थिति: पीछे, लेकिन खत्म नहीं

सच यह है कि Apple AI रेस में सबसे पहले नहीं है।

लेकिन यह भी सच है कि Apple उतना पीछे भी नहीं है जितना लोग सोच रहे हैं।

1. Apple का फोकस “On-Device AI” पर है

जहाँ दूसरी कंपनियाँ क्लाउड-बेस्ड AI पर काम कर रही हैं, Apple अधिक ध्यान दे रहा है:

  • On-device AI
  • प्राइवेसी-प्रोटेक्टेड मॉडल
  • तेज लोकल प्रोसेसिंग
  • iPhone चिप्स पर AI क्षमता बढ़ाने

यानी Apple धीमी लेकिन स्थिर रणनीति अपना रहा है।

2. Siri 2.0 और Apple Intelligence

2024–25 के लॉन्च के दौरान Apple ने:

  • Apple Intelligence
  • Private Cloud Compute
  • Siri 2.0
  • AI-सक्षम ऐप्स

जैसे फीचर्स दिखाए।

यह बताता है कि Apple अब गंभीरता से AI में कूद रहा है।

3. हार्डवेयर में Apple अभी भी राजा है

Apple के पास:

  • दुनिया का सबसे मजबूत फोन (iPhone)
  • सबसे लोकप्रिय वॉच
  • MacBook की बढ़ती मांग
  • M-series चिप्स

जो AI को सुपर-फास्ट प्रोसेस करने में सक्षम हैं।

AI रेस सिर्फ सॉफ्टवेयर नहीं—हार्डवेयर भी है। और यहाँ Apple बहुत आगे है।


तो क्या Apple Nokia बन सकता है? नहीं, पर सावधान रहना होगा

Apple Nokia नहीं बन सकता क्योंकि:

  1. Apple ने कभी नवाचार बंद नहीं किया
  2. Apple का ecosystem अनोखा और शक्तिशाली है
  3. Apple की ब्रांड वैल्यू बेहद मजबूत है
  4. Apple AI को सुरक्षित और नियंत्रित रूप में लाना चाहता है
  5. कंपनी हर बड़ी तकनीकी लहर को देर से भी सही, अपनाती जरूर है

लेकिन खतरा यह है कि यदि Apple बहुत ज्यादा देर कर दे,

तो OpenAI + Microsoft जैसे गठबंधन भविष्य का ऑपरेटिंग सिस्टम बन सकते हैं।

आज AI सिर्फ ऐप नहीं, पूरा डिजिटल ब्रह्मांड बन रहा है।

Apple को इसमें तेजी से कदम बढ़ाने होंगे।

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AI रेस में Apple की वास्तविक स्थिति

  • Google → सबसे अधिक डेटा और AI मॉडल
  • Microsoft – OpenAI → सबसे शक्तिशाली AI क्षमता
  • Meta → मुफ्त AI मॉडल और ओपन सोर्स लहर
  • Apple → सुरक्षित, शांत और हार्डवेयर-इंटीग्रेटेड AI

Apple की रणनीति अलग है – धीरे चलो, पर भरोसे के साथ चलो।

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