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Digital Lok Adalat traffic challan: ‘डिजिटल लोक अदालत’ से आसान हुआ ट्रैफिक चालान सेटलमेंट

दिल्ली में वाहन चालकों के लिए ट्रैफिक चालान निपटाना अब पहले जैसा जटिल और समय लेने वाला काम नहीं रहा। आम लोगों को राहत देते हुए Delhi Traffic Police ने एक विशेष ‘डिजिटल लोक अदालत’ ऐप लॉन्च किया है, जिसके जरिए अब लोग घर बैठे ट्रैफिक चालान का सेटलमेंट कर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य चालान से जुड़े झंझट को कम करना और पूरी प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाना है।

Digital Lok Adalat traffic challan

यह डिजिटल व्यवस्था Delhi State Legal Services Authority और National Informatics Center (NIC) के सहयोग से विकसित की गई है, जिससे इसकी कानूनी और तकनीकी विश्वसनीयता और मजबूत हो जाती है।


Digital Lok Adalat traffic challan: क्या है डिजिटल लोक अदालत?

डिजिटल लोक अदालत एक ऑनलाइन मंच है, जहां ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों को बिना अदालत गए सुलझाया जा सकता है। आमतौर पर चालान निपटाने के लिए लोगों को कोर्ट की तारीख, लंबी कतारें और समय की बर्बादी झेलनी पड़ती थी। लेकिन अब यह पूरा काम मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जा सकता है।

इस ऐप के जरिए उपयोगकर्ता अपने चालान की जानकारी देख सकते हैं, निर्धारित जुर्माना चुका सकते हैं और मामला तुरंत निपटा सकते हैं।


डिजिटल लोक अदालत ऐप कैसे करेगा काम?

डिजिटल लोक अदालत ऐप को बेहद सरल और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया गया है। इसकी प्रक्रिया कुछ इस तरह है:

  • यूजर ऐप में लॉग इन करता है
  • वाहन नंबर या चालान नंबर डालकर विवरण देखता है
  • संबंधित चालान को सेटलमेंट के लिए चुनता है
  • निर्धारित जुर्माना ऑनलाइन भुगतान करता है
  • मामला तुरंत निपट जाता है और डिजिटल रसीद मिल जाती है

इस पूरी प्रक्रिया में न तो किसी दलाल की जरूरत है और न ही कोर्ट जाने की।


आम लोगों को क्या मिलेगा फायदा?

डिजिटल लोक अदालत ऐप से आम नागरिकों को कई स्तरों पर राहत मिलेगी:

  • समय और पैसे दोनों की बचत
  • कोर्ट और पुलिस कार्यालयों के चक्कर से मुक्ति
  • पारदर्शी और तेज़ सेटलमेंट प्रक्रिया
  • डिजिटल रिकॉर्ड और रसीद की सुविधा
  • भीड़ और अनावश्यक तनाव में कमी

खास तौर पर नौकरीपेशा लोगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह व्यवस्था बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।


ट्रैफिक सिस्टम के लिए क्यों है जरूरी?

दिल्ली जैसे महानगर में ट्रैफिक चालानों की संख्या काफी अधिक होती है। ऐसे में अदालतों और ट्रैफिक विभाग पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। डिजिटल लोक अदालत से:

  • लंबित मामलों की संख्या कम होगी
  • न्यायिक प्रक्रिया तेज होगी
  • ट्रैफिक पुलिस और अदालतों का कार्यभार घटेगा
  • डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा मिलेगा

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भविष्य में अन्य शहरों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है।

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Digital Lok Adalat traffic challan: किन मामलों में होगा सेटलमेंट?

डिजिटल लोक अदालत के माध्यम से आमतौर पर छोटे और कम गंभीर ट्रैफिक उल्लंघनों से जुड़े चालानों का निपटारा किया जा सकता है। हालांकि, गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों के लिए सामान्य कानूनी प्रक्रिया ही लागू रहेगी।

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