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IND vs SA: 148 साल में पहली बार टेम्बा बावुमा ने बनाया विश्व रिकॉर्ड – टेस्ट इतिहास के पहले कप्तान बने!

टेस्ट क्रिकेट का इतिहास 148 साल पुराना है।
इस लंबे कालखंड में अनगिनत दिग्गज कप्तान आए – ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, भारत, वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के महान कप्तानों ने अपनी टीमों को कई यादगार जीत दिलाई। लेकिन दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा ने एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया है जिसे आज तक कोई भी कप्तान टेस्ट इतिहास में हासिल नहीं कर सका था।

टेम्बा बावुमा विश्व रिकॉर्ड

टेम्बा बावुमा विश्व रिकॉर्ड: 12 टेस्ट में 11 जीत – 148 साल में पहला कप्तान

टेम्बा बावुमा अब टेस्ट क्रिकेट इतिहास में पहले ऐसे कप्तान बन गए हैं जिन्होंने अपने शुरुआती 12 टेस्ट में 11 जीत हासिल की हैं।

  • 12 में से 11 टेस्ट जीते
  • सिर्फ 1 टेस्ट ड्रॉ
  • कोई हार नहीं

यह उपलब्धि उन्हें दुनिया के सबसे सफल शुरुआत करने वाले कप्तानों में सर्वोच्च स्थान पर ले आती है।

टेस्ट क्रिकेट, जिसे धीरज, रणनीति और मजबूत नेतृत्व का खेल माना जाता है, उसमें यह उपलब्धि अत्यंत दुर्लभ मानी जाती है।


दूसरे स्थान पर बने बेन स्टोक्स और लिंडसे हैसट – फिर भी बावुमा सबसे आगे

बावुमा की इस उपलब्धि के बाद दूसरे स्थान पर इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान लिंडसे हैसट का नाम आता है।

दोनों ने:

  • शुरुआती 12 टेस्ट में 10 जीत
  • यानी बावुमा से एक जीत कम

स्टोक्स इंग्लैंड को आक्रामक बेसबॉल शैली के लिए मशहूर हैं, जबकि हैसट ने ऑस्ट्रेलिया को 1940-50 के दशक में मजबूत नेतृत्व दिया था।

फिर भी बावुमा का रिकॉर्ड उनसे आगे है क्योंकि:

  • 11 जीत किसी ने नहीं की
  • और न ही इतनी स्थिरता दिखाई

यह अंतर उन्हें इतिहास में पहले स्थान पर खड़ा करता है।


बावुमा के कप्तान बनने के बाद दक्षिण अफ्रीका क्यों हुआ इतना मजबूत?

टेम्बा बावुमा को कप्तानी मिलते ही दक्षिण अफ्रीका की टेस्ट टीम में एक नया आत्मविश्वास देखने को मिला।

इन कारणों से दक्षिण अफ्रीका लगातार जीतता रहा:

1. संतुलित टीम संयोजन

बावुमा के नेतृत्व में दक्षिण अफ्रीका ने तेज गेंदबाज़ी, स्पिन और तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाज़ी का प्रभावी मिश्रण तैयार किया।

2. आक्रामक लेकिन स्थिर कप्तानी

बावुमा का अंदाज शांत और संतुलित है। वे:

  • खिलाड़ियों को खुलकर खेलने देते हैं
  • जरूरत पड़ने पर रणनीतिक बदलाव करते हैं
  • दबाव में भी धैर्य नहीं खोते

यह व्यवहार दक्षिण अफ्रीका को कठिन परिस्थितियों में भी जीत दिलाने में मदद करता है।

3. घरेलू कंडीशन्स का समझदारी से इस्तेमाल

बावुमा ने घरेलू पिचों को प्रभावी तरीके से उपयोग किया – खासकर तेज गेंदबाज़ों की ताकत को बढ़ाया।

4. टीम का उन पर विश्वास

खिलाड़ी अक्सर कहते हैं कि बावुमा “टीम-फर्स्ट” कप्तान हैं।

उनकी नेतृत्व शैली में सम्मान, आत्मविश्वास और सामूहिक निर्णय शामिल हैं।


क्रिकेट इतिहास में यह रिकॉर्ड क्यों इतना खास है?

टेस्ट क्रिकेट में 12 मैच बहुत लंबा समय होता है। कप्तान को:

  • अलग-अलग परिस्थितियों
  • कठिन विपक्ष
  • बाहर और घर के मैच
  • थकाऊ सत्रों

से गुजरना पड़ता है।

ऐसे में 12 में से 11 टेस्ट जीतना सिर्फ कौशल नहीं बल्कि नेतृत्व की परिपक्वता की निशानी है।

यह रिकॉर्ड दिखाता है कि बावुमा सिर्फ एक कप्तान नहीं, बल्कि टेस्ट क्रिकेट के सबसे सफल शुरुआती नेताओं में से एक बन गए हैं।

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भारत के खिलाफ प्रदर्शन और बावुमा का भविष्य

IND vs SA सीरीज में भी बावुमा की कप्तानी को काफी सराहा गया है।

उनकी टीम लगातार बड़े विपक्ष के सामने धैर्य, अनुशासन और आक्रामकता का सही मिश्रण दिखाती है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि:

  • अगर बावुमा इसी लय में रहे
  • और टीम उनका समर्थन करती रही
  • तो आने वाले वर्षों में दक्षिण अफ्रीका
    टेस्ट क्रिकेट में एक बार फिर दुनिया की शीर्ष टीम बन सकता है

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