Ravi Shastri on Sanju Samson: “किसी के घायल होने का इंतजार क्यों?”
भारतीय क्रिकेट में चयन को लेकर बहस कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब यह सवाल टीम इंडिया के पूर्व हेड कोच के मुंह से आता है, तो उसकी अहमियत और बढ़ जाती है। हाल ही में कमेंट्री बॉक्स में वापसी कर चुके Ravi Shastri ने टीम मैनेजमेंट पर खुलकर सवाल उठाए हैं। मुद्दा था -Sanju Samson को भारतीय T20I टीम में लगातार मौके क्यों नहीं मिल रहे?

कमेंट्री बॉक्स से उठा बड़ा सवाल
रवि शास्त्री उस वक्त कमेंट्री कर रहे थे, जब भारत और South Africa के बीच सीरीज़ का आखिरी T20 मुकाबला खेला जा रहा था। इसी मैच में शास्त्री ने ऑन-एयर कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि संजू सैमसन जैसे प्रतिभाशाली बल्लेबाज़ को टीम में शामिल करने के लिए किसी खिलाड़ी के चोटिल होने का इंतजार क्यों किया जाता है।
उनका यह बयान सीधा-सीधा टीम मैनेजमेंट की चयन नीति पर सवाल खड़ा करता है।
शुभमन गिल की चोट और सैमसन का मौका
इस मुकाबले में संजू सैमसन को मौका मिला क्योंकि Shubman Gill चोट के कारण उपलब्ध नहीं थे। मौका मिलते ही सैमसन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वह किस काबिलियत के खिलाड़ी हैं।
उन्होंने सिर्फ 22 गेंदों में 37 रन की तेज़ तर्रार पारी खेली, जिसमें उनका आत्मविश्वास और आक्रामकता साफ झलक रही थी। यही देखकर रवि शास्त्री खुद को रोक नहीं पाए।
रवि शास्त्री का सीधा संदेश
Ravi Shastri on Sanju Samson: संजू सैमसन की बल्लेबाज़ी के दौरान रवि शास्त्री ने कहा:
“वह शुरुआत से टीम में क्यों नहीं है? जब आप उसे इस तरह खेलते देखते हैं, तो सोचते हैं कि किसी के घायल होने का इंतजार क्यों करना पड़ता है। वह टॉप ऑर्डर में खेलने के लिए बिल्कुल फिट है।”
शास्त्री ने आगे कहा कि सैमसन कोई नए खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि उनका रिकॉर्ड खुद बोलता है।
T20 में संजू सैमसन का रिकॉर्ड
रवि शास्त्री ने यह भी याद दिलाया कि संजू सैमसन:
- T20 क्रिकेट में तीन शतक लगा चुके हैं
- इनमें से दो लगातार शतक दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आए हैं
- ओपनर के तौर पर उनका रिकॉर्ड बेहद मजबूत रहा है
- वह पावरप्ले में मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं
शास्त्री के मुताबिक, सैमसन ऐसे बल्लेबाज़ हैं जिन पर किसी भी तरह की गेंदबाज़ी की जा सकती है, लेकिन वह हर जगह शॉट खेलने का दम रखते हैं।
टीम इंडिया में जगह क्यों नहीं पक्की?
यही सवाल अब क्रिकेट फैंस भी पूछ रहे हैं। संजू सैमसन कई बार:
- सीमित मौके मिले
- एक-दो मैच में न चलने पर बाहर कर दिए गए
- जबकि अन्य खिलाड़ियों को लंबा रन मिला
रवि शास्त्री का मानना है कि T20 जैसे फॉर्मेट में खिलाड़ियों को भरोसा देना बेहद जरूरी है, खासकर तब जब खिलाड़ी में मैच जिताने की क्षमता हो।
टीम मैनेजमेंट के लिए संकेत
रवि शास्त्री का यह बयान केवल व्यक्तिगत राय नहीं, बल्कि चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के लिए एक साफ संदेश है। T20 क्रिकेट में:
- आक्रामक बल्लेबाज़ों की अहमियत
- पावरप्ले का सही इस्तेमाल
- और निरंतरता
सबसे ज्यादा मायने रखती है, और इन तीनों कसौटियों पर संजू सैमसन खरे उतरते हैं।
ये भी पढ़ें: IPL Auction 2026 Live Streaming: अबू धाबी में सजेगा मिनी-ऑक्शन
फैंस की प्रतिक्रिया
शास्त्री के बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। कई फैंस का मानना है कि:
- सैमसन को नियमित मौका मिलना चाहिए
- चयन में पारदर्शिता होनी चाहिए
- सिर्फ एक-दो असफलताओं पर खिलाड़ी को बाहर नहीं किया जाना चाहिए
khaberbox.com पर पढ़ें ताजा समाचार (हिंदी समाचार), मनोरंजन, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म, शिक्षा, बाज़ार और प्रौद्योगिकी से जुड़ी हर खबर। समय पर अपडेट या हिंदी ब्रेकिंग न्यूज के लिए खबर बॉक्स चुनें। अपने समाचार अनुभव को और बेहतर बनाएं।

