Abhishek Sharma Second Slowest Fifty T20: World Cup का अनोखा रिकॉर्ड
क्रिकेट के सबसे तेज़ और रोमांचक प्रारूप ICC Men’s T20 World Cup में जहां बल्लेबाज़ तेजी से रन बनाने के लिए जाने जाते हैं, वहीं भारतीय बल्लेबाज़ Abhishek Sharma ने एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जिसने सबका ध्यान खींच लिया। उन्होंने टूर्नामेंट के इतिहास में दूसरा सबसे धीमा अर्धशतक (fifty) बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

Abhishek Sharma Second Slowest Fifty T20: धीमा अर्धशतक: कैसे बना रिकॉर्ड?
T20 क्रिकेट में आमतौर पर बल्लेबाज़ 25–30 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लेते हैं। लेकिन उस मैच में परिस्थितियाँ बिल्कुल अलग थीं। पिच धीमी थी, गेंद रुककर आ रही थी और विपक्षी टीम की गेंदबाज़ी बेहद अनुशासित थी। ऐसे में Abhishek Sharma ने धैर्य और संयम से खेलते हुए अपना अर्धशतक पूरा किया, लेकिन इसमें अपेक्षा से अधिक गेंदें लगीं।
यही वजह रही कि उनका अर्धशतक T20 World Cup इतिहास का दूसरा सबसे धीमा fifty बन गया।
मैच की परिस्थितियाँ
उस मुकाबले में टीम शुरुआती झटकों से जूझ रही थी। विकेट जल्दी गिरने के कारण रन गति पर दबाव था। ऐसे समय में आक्रामक खेलने की बजाय क्रीज पर टिके रहना ज्यादा जरूरी था। Abhishek Sharma ने जोखिम भरे शॉट्स से बचते हुए स्ट्राइक रोटेट करने और साझेदारी बनाने पर ध्यान दिया।
भले ही रन रफ्तार धीमी रही, लेकिन उनकी पारी ने टीम को स्थिरता दी।
आलोचना और समर्थन
रिकॉर्ड बनने के बाद सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने धीमी बल्लेबाज़ी की आलोचना की, जबकि कई क्रिकेट विशेषज्ञों ने इसे मैच की मांग बताया। उनका कहना था कि हर मैच में तेज़ी से रन बनाना ही समाधान नहीं होता, कभी-कभी टीम को संभालने के लिए धैर्य भी उतना ही जरूरी होता है।
T20 में धीमी पारी का महत्व
Abhishek Sharma Second Slowest Fifty T20 फॉर्मेट में धीमी पारी अक्सर नकारात्मक नजरिए से देखी जाती है, लेकिन क्रिकेट केवल आंकड़ों का खेल नहीं है। कई बार परिस्थितियाँ बल्लेबाज़ को मजबूर करती हैं कि वह जोखिम कम ले और पारी को संभाले। Abhishek Sharma की यह पारी इसी रणनीति का उदाहरण थी।
हालांकि रिकॉर्ड “दूसरा सबसे धीमा fifty” के रूप में दर्ज हुआ, लेकिन यह भी याद रखा जाएगा कि उस पारी ने टीम को एक मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
खिलाड़ी के करियर पर असर
Abhishek Sharma युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ी माने जाते हैं।
उनके खेल में आक्रामकता और तकनीक दोनों का संतुलन देखा गया है।
यह रिकॉर्ड उनके करियर का एक दिलचस्प अध्याय जरूर है,
लेकिन इससे उनकी क्षमता पर कोई सवाल नहीं उठता। क्रिकेट में हर खिलाड़ी के करियर में ऐसे पल आते हैं,
जो चर्चा का विषय बन जाते हैं।
ये भी पढ़ें: NEFT, RTGS और IMPS में क्या है अंतर? किस पर कितना चार्ज लगता है
आंकड़ों से आगे की कहानी
क्रिकेट में रिकॉर्ड हमेशा दो पहलुओं के साथ आते हैं एक सकारात्मक और एक आलोचनात्मक।
Abhishek Sharma का यह रिकॉर्ड भी कुछ ऐसा ही है।
जहां एक ओर यह उन्हें इतिहास के पन्नों में दर्ज करता है,
वहीं दूसरी ओर यह याद दिलाता है कि खेल की परिस्थितियाँ हर बार अलग होती हैं।
khaberbox.com पर पढ़ें ताजा समाचार (हिंदी समाचार), मनोरंजन, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म, शिक्षा, बाज़ार और प्रौद्योगिकी से जुड़ी हर खबर। समय पर अपडेट या हिंदी ब्रेकिंग न्यूज के लिए खबर बॉक्स चुनें। अपने समाचार अनुभव को और बेहतर बनाएं।

