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कलावा कितने दिन पहनना चाहिए? क्या आप भी कर रहे हैं यह आम गलती?

हिंदू धर्म में कलावा, मौली या राखी – जो लाल, पीले और कभी-कभी सफेद धागों से बना होता है – सिर्फ एक धागा नहीं बल्कि आस्था, रक्षा और शुभता का प्रतीक माना जाता है। इसे पूजा, यज्ञ, व्रत, यात्रा या किसी शुभ कार्य के समय कलाई पर बांधा जाता है।

कलावा कितने दिन पहनना चाहिए

बहुत से लोगों के मन में यह सवाल रहता है – “कलावा कितने दिन पहनना चाहिए?”

और

“क्या इसे किसी भी तरह हटाना सही है?”

आइए, इसका आध्यात्मिक और व्यावहारिक उत्तर समझते हैं।


कलावा क्यों बांधा जाता है?

कलावा को हिंदू धर्म में तीन मुख्य कारणों से बांधा जाता है:

1. रक्षा का प्रतीक

यह एक तरह का ‘सुरक्षा सूत्र’ है। माना जाता है कि यह व्यक्ति को नकारात्मक ऊर्जाओं से बचाता है।

2. शुभता और मंगल कार्य का चिह्न

किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत कलावा बांधकर की जाती है।

यह संकेत है कि काम सद्बुद्धि और शुभ भावना से प्रारंभ किया गया है।

3. देवी-देवताओं का आशीर्वाद

पंडित या परिवार के बड़े लोग कलावा बांधते समय मंत्र पढ़ते हैं, जिससे यह एक आध्यात्मिक कवच जैसा प्रभाव देता है।


कलावा कितने दिन पहनना चाहिए?

धार्मिक ग्रंथों में इसकी कोई फिक्स समय-सीमा नहीं बताई गई है।

लेकिन परंपरा, आचार्यों की राय और प्रचलन के अनुसार तीन उत्तर सबसे अधिक मान्य हैं:

1. कलावा स्वयं टूटने तक पहनना चाहिए

बहुत से विद्वान कहते हैं कि कलावा जब तक खुद से नहीं टूटे, उसे पहनना शुभ माना जाता है।

यह संकेत है कि उसका आध्यात्मिक कार्य पूरा हो चुका है।

2. विशेष अनुष्ठान का समय पूरा होने तक

यदि कलावा किसी विशेष पूजा के समय बांधा गया है, जैसे –

  • हवन
  • यज्ञ
  • संकल्प
  • व्रत
  • अनुष्ठान
    तो इसे उस अनुष्ठान की अवधि तक पहनना उचित है।

उदाहरण: किसी 7-दिवसीय पूजा के दौरान बांधे गए कलावे को 7 दिनों तक पहनना।

3. कम से कम 3 से 7 दिनों तक

कई परिवारों में नियम है कि कलावा कम-से-कम 3 या 7 दिनों तक पहना जाए।

फिर यदि धागा मटमैला हो जाए या खराब होने लगे, तो इसे सम्मानपूर्वक हटाया जा सकता है।


कलावा पहनकर लोग जो सबसे बड़ी गलती कर देते हैं

बहुत बार लोग कलावा को:

  • गंदा होने पर फाड़ देते हैं
  • झुंझलाहट में काट देते हैं
  • जमीन पर फेंक देते हैं
  • कूड़ेदान में डाल देते हैं
  • या किसी अपवित्र स्थान पर छोड़ देते हैं

यह बड़ी भूल मानी जाती है।

क्योंकि कलावा मंत्रोच्चारण और पूजा का हिस्सा होता है, इसलिए यह पवित्र माना जाता है।


कलावा कैसे हटाना चाहिए? सही तरीका

यदि आपको कलावा उतारना है, तो इसे इन तरीकों से ही हटाना चाहिए:

1. दाहिने हाथ से खोलें, काटें नहीं

कलावा को जब भी हटाना हो, इसे खोलने का प्रयास करें।

बिना जरूरत के धागा काटना उचित नहीं माना जाता।

2. तुलसी के पौधे में रखें

हटाने के बाद कलावा को सम्मानपूर्वक तुलसी के नीचे रख दें।

यह सबसे शुभ तरीका माना गया है।

3. बहते पानी में प्रवाहित करें

यदि तुलसी उपलब्ध नहीं है, तो कलावा को बहते पानी (जैसे नदी) में अर्पित किया जा सकता है।

4. घर के पूजा स्थान में रखें

कुछ लोग पुराना कलावा पूजा स्थान में थोड़ा समय रखते हैं और बाद में उसे मिट्टी में दबा देते हैं।

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क्या सोते समय कलावा उतारना गलत है?

हाँ, ऐसा करना अनुचित माना जाता है।

कलावा एक रक्षा सूत्र है, इसलिए इसे सोते समय भी उतारना नहीं चाहिए।

यदि धागा ढीला हो जाए, तब भी इसे ही ठीक कर लें।

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