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Bageshwar Dham Sankalp: शास्त्रीजी के 7 संकल्प और सनातन हिन्दू एकता का संदेश

हाल ही में आयोजित सनातन हिन्दू एकता पदयात्रा, जिसे बागेश्वर धाम के धर्माधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी (बाबा बागेश्वर) द्वारा नेतृत्व दिया गया, ने पूरे भारत में नई आध्यात्मिक चेतना जगाई है। दिल्ली से वृंदावन तक चलने वाली यह पदयात्रा केवल आस्था की यात्रा नहीं है, बल्कि सामाजिक सामंजस्य और राष्ट्रीय एकता का सशक्त आह्वान भी है।

Bageshwar Dham Sankalp

इस यात्रा का आधार शास्त्रीजी द्वारा घोषित Bageshwar Dham Sankalp—सात महत्वपूर्ण संकल्प हैं, जो हर सहभागी को एक बड़े उद्देश्य से जोड़ते हैं।


पदयात्रा का उद्देश्य और महत्व

10 दिनों की इस यात्रा का पांचवां दिन लगभग 170 किलोमीटर लंबे मार्ग का प्रतीक है।
इसमें बाबा बागेश्वर की इच्छा है कि:

  • सनातन धर्म का पुनर्जागरण हो
  • समाज के सभी वर्ग एक मंच पर आएं
  • जाति, पंथ और क्षेत्रीय विभाजन समाप्त हों

शास्त्रीजी के सात संकल्प (Bageshwar Dham Sankalp)

1. सनातन हिन्दू एकता

पूरे भारत में हिंदुओं को जाति, पंथ, और वर्ग की सीमाओं को तोड़कर एकजुट करने का संकल्प।

2. भेदभाव और छुआछूत का अंत

समाज में किसी भी व्यक्ति को जाति के आधार पर अलग न किया जाए।

3. सनातन मूल्यों का पुनर्जीवन

अहिंसा, करुणा, सत्य और धर्म–इन सनातन सिद्धांतों को पुनर्जीवित करने का आह्वान।

4. शिक्षा और स्वास्थ्य का विस्तार

सबके लिए मुफ़्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हों।

5. पर्यावरण और नदी संरक्षण

विशेष रूप से यमुना नदी की रक्षा और प्रकृति के प्रति कर्तव्य निभाने का संकल्प।

6. शांतिपूर्ण हिंदू राष्ट्र की वकालत

शांतिपूर्ण, समावेशी और सहिष्णु हिंदू राष्ट्र की अवधारणा—जहाँ सब धर्म सुरक्षित हों।

7. राष्ट्रव्यापी एकता और सद्भाव

देश में सामाजिक सौहार्द बढ़ाने और विभाजनकारी विचारों को समाप्त करने का प्रण।


प्रसिद्ध हस्तियों की उपस्थिति

इस ऐतिहासिक पदयात्रा में शामिल हुए:

  • मनोहर लाल खट्टर (पूर्व मुख्यमंत्री, हरियाणा)
  • क्रिकेटर शिखर धवन
  • WWE रेसलर The Great Khali

इनकी उपस्थिति से यात्रा को और अधिक समर्थन मिला है।


संघर्ष, प्रेरणा और आध्यात्मिक शक्ति

खराब मौसम और चोटों के बावजूद शास्त्रीजी का उत्साह कम नहीं हुआ।
हर दिन सामूहिक:

  • भजन
  • कीर्तन
  • प्रार्थना

से यात्रा को नई ऊर्जा मिलती है।

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Bageshwar Dham Sankalp केवल संकल्प नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक और सामाजिक एकता का संदेश है।
शास्त्रीजी की यह यात्रा:

  • भाईचारे
  • समरसता
  • और सनातन मूल्यों

को पुनर्जीवित करने का राष्ट्रीय अभियान बन गई है।

यह पदयात्रा सभी को एक साथ खड़े होकर बेहतर, शांतिपूर्ण और एकजुट भारत बनाने का संदेश देती है।

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