सागर में मिला भगवान श्रीराम का विग्रह: खुदाई के दौरान उठा सवालों का दौर
मध्यप्रदेश के सागर जिले में उस समय हलचल मच गई जब एक निर्माणाधीन स्थल पर खुदाई के दौरान भगवान श्रीराम का एक प्राचीन विग्रह मिलने की खबर सामने आई। यह खुदाई एक मस्जिद परिसर के भीतर की जा रही थी, और जैसे ही मजदूरों ने मिट्टी हटाई, उन्हें पत्थर की एक प्रतिमा जैसी आकृति दिखाई दी। करीब से देखने पर पता चला कि यह विग्रह भगवान श्रीराम जैसा दिखता है।

स्थानीय लोगों में यह खबर तेजी से फैल गई और देखते ही देखते स्थल पर भीड़ इकट्ठा हो गई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन तुरंत वहां पहुंचा।
कैसे मिली यह प्रतिमा? मजदूरों ने बताया पूरा घटनाक्रम
- प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय निर्माण कार्य के लिए नींव की खुदाई चल रही थी।
- कुछ फीट नीचे अचानक मजदूरों का फावड़ा एक सख्त सतह से टकराया।
- थोड़ी खुदाई और करने पर पत्थर की मूर्ति जैसी आकृति नज़र आई।
जब मिट्टी हटाई गई तो वह एक विग्रह का रूप लेता दिखा, जिसके आधार पर इसे भगवान श्रीराम का प्राचीन विग्रह कहा जा रहा है।
आकृति की बनावट पारंपरिक शिल्प शैली जैसी है, लेकिन उसकी वास्तविक उम्र और प्रामाणिकता की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या तनाव न फैले।
पुलिस अधिकारियों ने स्थल को घेरा और विग्रह को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की।
वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि:
- स्थल की वैज्ञानिक जांच होगी
- पुरातत्व विभाग को सूचित किया गया है
- किसी निष्कर्ष पर जल्दबाजी में नहीं पहुंचा जाएगा
- इलाके में शांति बनाए रखने की अपील की गई है
यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया कि स्थानीय समुदायों के बीच कोई अनावश्यक तनाव न उत्पन्न हो।
स्थानीय लोगों में उत्सुकता, लेकिन माहौल शांत
- विग्रह मिलने की खबर ने लोगों में उत्सुकता बढ़ा दी है।
- कई लोग इसे धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण घटना मान रहे हैं,
- तो कुछ लोग इसे ऐतिहासिक खोज के रूप में देख रहे हैं।
फिर भी, प्रशासन के अनुरोध पर स्थानीय लोगों ने शांतिपूर्ण रवैया अपनाया है।
लोग यह भी मानते हैं कि जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की अफवाह फैलाने से बचना चाहिए।
पुरातत्व विभाग करेगा जांच
पुरातत्व विशेषज्ञों की एक टीम इस स्थल की जांच करेगी।
वे विग्रह की:
- उम्र
- निर्माण शैली
- पत्थर की गुणवत्ता
- ऐतिहासिक संदर्भ
का विश्लेषण करेंगे।
इसके आधार पर यह तय होगा कि विग्रह कितने पुराने समय का है और यह यहां कैसे पड़ा था।
विशेषज्ञों के अनुसार, मध्यप्रदेश के कई इलाकों में प्राचीन मंदिरों, मूर्तियों और ऐतिहासिक अवशेषों के मिलने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, इसलिए यह घटना भी उस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का हिस्सा हो सकती है।
मस्जिद प्रबंधन की प्रतिक्रिया
मस्जिद प्रबंधन ने भी प्रशासन के सामने पूरी सहयोग की बात कही है।
उन्होंने साफ किया कि निर्माण कार्य नियमित प्रक्रिया का हिस्सा था और किसी भी समुदाय के बीच मतभेद पैदा करने की कोई मंशा नहीं है।
प्रबंधन ने अपील की कि लोग सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी साझा न करें, क्योंकि इससे परिस्थिति बिगड़ सकती है।
शांति, जांच और सद्भाव— तीनों की आवश्यकता
ऐसी घटनाएँ संवेदनशील होती हैं और धार्मिक भावनाओं को प्रभावित कर सकती हैं।
लेकिन सागर में यह देखकर राहत होती है कि प्रशासन और स्थानीय समुदाय दोनों ने जिम्मेदारी और संयम का परिचय दिया है।
अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह विग्रह कितनी पुरानी है और इसका इतिहास क्या है,
लेकिन यह निश्चित है कि यह खोज स्थानीय और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
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सागर में मस्जिद की नींव खुदाई के दौरान भगवान श्रीराम का विग्रह मिलना एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील घटना है।
पुलिस और प्रशासन ने समय पर कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रित किया है और पुरातत्व विभाग जल्द ही अपनी जांच शुरू करेगा।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि इतिहास और धर्म से जुड़ी खोजें हमें हमारे अतीत से जोड़ती हैं—लेकिन उन्हें समझने और संभालने के लिए संयम, सटीकता और समाजिक सद्भाव सबसे ज्यादा जरूरी है।
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