प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना: सर्वे शुरू हुआ, लेकिन आचार संहिता लागू होने से प्रक्रिया बीच में रुक गई
ग्रामीण भारत में गरीब और बेघर परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) ने इस वर्ष मई महीने में बिहार सहित पूरे देश में नए लाभार्थियों के चयन के लिए सर्वे प्रक्रिया शुरू की थी।

यह सर्वे उन सभी परिवारों की पहचान करने के लिए किया जा रहा था
जिनके पास रहने के लिए पक्का घर नहीं है, या जो कच्चे, टूटे-फूटे और असुरक्षित घरों में रह रहे हैं।
लेकिन जैसे ही बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की घोषणा हुई, पूरे राज्य में आचार संहिता लागू हो गई।
इसके चलते ग्रामीण आवास योजना के सत्यापन और चयन की प्रक्रिया अधूरी रह गई।
सर्वे का उद्देश्य क्या था?
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का मुख्य लक्ष्य है –
- बेघर परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना
- गरीबों को सुरक्षित आवास देना
- ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारना
- प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा बढ़ाना
मई में शुरू हुए इस सर्वे में प्रत्येक गांव के गरीब परिवारों की सूची तैयार की जानी थी।
सर्वे दल ने:
- घर की स्थिति
- निर्माण सामग्री
- परिवार की आर्थिक स्थिति
- सामाजिक-आर्थिक डेटा
- पात्रता मानदंड
जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों को रिकॉर्ड किया।
आचार संहिता लागू होते ही क्यों रुकी प्रक्रिया?
जैसे ही चुनाव की तारीखें घोषित होती हैं,
मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (आचार संहिता) लागू हो जाती है।
इससे सरकार:
- नई योजनाओं की घोषणा
- लाभ वितरण
- सरकारी सहायता जारी करने
- चयन प्रक्रिया पूरी करने
जैसे कार्य नहीं कर सकती।
ग्रामीण आवास योजना का सर्वे इसी नियम के दायरे में आ गया, इसलिए अधिकारी अब सत्यापन पूरा नहीं कर सकते।
किस चरण पर अटकी प्रक्रिया?
सर्वे दो मुख्य चरणों में होता है:
1. प्राथमिक सूची तैयार करना
यह चरण लगभग पूरा हो चुका था।
2. घर-घर जाकर सत्यापन (Field Verification)
यही वह चरण है जो आचार संहिता लागू होने से अधूरा रह गया।
कई परिवारों के दस्तावेज सत्यापित नहीं हुए।
कुछ घरों का निरीक्षण बाकी रह गया।
और कई मामलों में पात्रता की पुष्टि नहीं हो सकी।
लाभार्थियों पर इसका क्या असर पड़ेगा?
1. नए घर मिलने में देरी होगी
जब तक सत्यापन पूरा नहीं होता, लाभार्थी सूची अंतिम रूप नहीं ले सकती।
इससे घर मिलने की प्रक्रिया कुछ महीनों तक टल सकती है।
2. कई गरीब परिवारों की उम्मीदें अधर में
जो लोग सर्वे में शामिल हुए थे वे अब परिणाम के लिए चुनाव समाप्त होने तक इंतजार करेंगे।
3. राशि जारी नहीं होगी
किस्तों में मिलने वाली राशि सत्यापन के बाद ही शुरू होती है।
इसमें भी देरी संभव है।
चुनाव के बाद क्या होगा?
अधिकारियों ने बताया कि –
- जैसे ही चुनाव संपन्न होंगे,
- नई सरकार का गठन होगा,
- आचार संहिता हटेगी,
वैसे ही सत्यापन कार्य फिर शुरू कर दिया जाएगा।
मतलब यह देरी अस्थायी है।
लाभार्थियों का अधिकार नहीं छीना जाएगा, सिर्फ प्रक्रिया आगे बढ़ने में कुछ समय लगेगा।
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ग्रामीण परिवारों के लिए यह योजना क्यों महत्वपूर्ण है?
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना ने पिछले वर्षों में लाखों परिवारों को पक्का घर दिया है।
इससे:
- गरीबी कम होती है
- शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार होता है
- सामाजिक सुरक्षा बढ़ती है
- ग्रामीण विकास को गति मिलती है
यही वजह है कि नई सूची का इंतजार कई परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
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