चीन में पीएम मोदी का भव्य स्वागत: 7 साल बाद पहली यात्रा, शी जिनपिंग से ऐतिहासिक मुलाकात
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया चीन यात्रा पर दुनियाभर की नज़रें टिकी रहीं। सात वर्षों बाद उनकी पहली चीन यात्रा शानदार स्वागत और कूटनीतिक चर्चाओं के साथ ऐतिहासिक साबित हुई। तिआनजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में उनका स्वागत रेड कार्पेट, भारतीय संगीत और चीनी कलाकारों द्वारा कथक नृत्य प्रस्तुत कर किया गया—जिसमें सांस्कृतिक धरोहर व सामंजस्य की झलक थी।

⏳ सात वर्षों में बदलाव
बीते सात वर्षों में भारत-चीन संबंधों में अच्छे-बुरे पल आए—सीमा विवाद, आर्थिक प्रतिस्पर्धा और बदलते वैश्विक समीकरणों ने संबंधों को प्रभावित किया। गालवान घाटी जैसी घटनाओं और व्यापारिक बदलावों ने दोनों देशों के बीच विश्वास की परीक्षा ली। हाल ही में दोनों देशों ने व्यापार और कूटनीतिक चैनल्स फिर से खोलकर संबंधों को सुधारने के प्रयास किए हैं।
🎉 भव्य स्वागत
मोदी के आगमन पर चीनी अधिकारी और कलाकार कतार में खड़े हो कर संगीत व नृत्य के जरिए स्वागत किया। चीन में बसे भारतीय समुदाय ने भी इस आयोजन में हिस्सा लिया, जिससे दोनों संस्कृतियों की समानता और दोस्ती का संदेश गया। इस माहौल ने आगे की कूटनीतिक वार्ता को सकारात्मक आधार दिया।
🤝 पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात
SCO समिट के बीच मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से उच्च स्तरीय मुलाकात की।
बातचीत में व्यापार, सीमा सुरक्षा और वर्षों की परेशानियों के बाद संबंध सामान्य करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
दोनों नेताओं ने बात को जारी रखने और सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
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विशेषज्ञों का मानना है कि कोई बड़ा ऐलान नहीं हुआ, लेकिन बैठक ने विश्वास दिलाया कि दोनों देश लंबे समय से जटिल मुद्दों—सीमा विवाद, व्यापार और आतंकी गतिविधियों पर काम करने को तैयार हैं। सांस्कृतिक संबंधों के विस्तार पर भी चर्चा हुई।
🌏 वैश्विक, क्षेत्रीय और सांस्कृतिक असर
यह यात्रा सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण नहीं है।
हाल के वर्षों में अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर शुल्क बढ़ाने से, भारत-चीन आर्थिक सहयोग में नज़दीकी बढ़ी है।
दोनों शक्तिशाली देशों का SCO जैसे मंचों पर सहयोग एशिया की शांति और विकास के लिए जरूरी है।
राजनीतिक चर्चा के अलावा, स्वागत में चीनी कलाकारों द्वारा भारतीय परंपरागत नृत्य प्रदर्शन भी हुआ
—जो दोस्ती और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का प्रतीक था।
🔮 आगे की राह
पीएम मोदी और शी जिनपिंग की ये मुलाकात भारत-चीन रिश्तों में नया अध्याय है।
दोनों पक्ष अब अविश्वास को दूर करके, रणनीतिक चुनौतियों और व्यापार-संस्कृति में सहयोग के नए अवसर तलाश रहे हैं।
मोदी ने लैंडिंग के समय कहा था: “SCO समिट में बातचीत और विश्व नेताओं से मुलाकात का इंतजार।” तिआनजिन की यह ऐतिहासिक यात्रा भविष्य में भारत-चीन संबंधों को नई दिशा दे सकती है।
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