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सिन गुड्स नया टैक्स स्ट्रक्चर – वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में पेश किए दो अहम बिल

सोमवार का दिन देश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में दो ऐसे अहम बिल पेश किए जिनका सीधा असर तंबाकू, पान मसाला, गुटखा और अन्य ‘सिन गुड्स’ पर पड़ेगा। सरकार ने Central Excise (Amendment) Bill 2025 और Health Security and National Security Cess Bill 2025 पेश करते हुए स्पष्ट कहा कि इन उत्पादों पर नया टैक्स स्ट्रक्चर लागू करना जरूरी है, क्योंकि इन पर लगने वाला GST क्षतिपूर्ति उपकर अब समाप्त होने वाला है।

सिन गुड्स नया टैक्स स्ट्रक्चर

सिन गुड्स नया टैक्स स्ट्रक्चर: सरकार का मानना है कि राजस्व के साथ-साथ स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखते हुए इन उत्पादों पर एक मजबूत और प्रभावी कर प्रणाली आवश्यक है।


GST Compensation Cess खत्म होने के बाद क्या बदलेगा?

GST लागू होने के बाद सिन गुड्स जैसे:

  • तंबाकू
  • सिगरेट
  • पान मसाला
  • गुटखा
  • एरेटेड ड्रिंक्स

पर विशेष GST Compensation Cess लगाया जाता था।

यह कर राज्यों को राजस्व संतुलन के लिए दिया जाता था।

लेकिन यह उपकर अपने निर्धारित समय पर समाप्त हो जाएगा।

यही कारण है कि सरकार ने नए टैक्स ढांचे की तैयारी शुरू कर दी है।


Central Excise (Amendment) Bill 2025—क्या है इसकी जरूरत?

यह बिल मौजूदा केंद्रीय उत्पाद शुल्क कानून में बदलाव करने के उद्देश्य से लाया गया है।

सरकार तंबाकू और पान मसाला जैसे हानिकारक उत्पादों पर केंद्रीय स्तर से पुन: एक्साइज ड्यूटी लगाने की योजना बना रही है।

इसका मतलब है:

  • GST के अलावा
  • इन वस्तुओं पर अलग से
  • केंद्र सरकार टैक्स वसूल सकेगी

यह टैक्स सीधे राष्ट्रीय राजकोष में जाएगा।


Health Security and National Security Cess Bill 2025—नाम में ही संदेश

इस नए उपकर का नाम ही बताता है कि सरकार इसका उपयोग दो बड़े क्षेत्रों में करना चाहती है:

1. स्वास्थ्य सुरक्षा (Health Security)

तंबाकू और नशीले उत्पादों के कारण भारत में हर साल लाखों लोग बीमार पड़ते हैं।

सरकार इस उपकर से मिलने वाली राशि को इन स्वास्थ्य समस्याओं से लड़ने में खर्च करना चाहती है।

2. राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security)

सरकार का कहना है कि देश की सुरक्षा जरूरतों के लिए अतिरिक्त राजस्व की आवश्यकता है,

और यह उपकर उस दिशा में मदद करेगा।


क्यों जरूरी है सिन गुड्स पर सख्त टैक्स?

सिन गुड्स का सेवन जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।

  • तंबाकू से हर साल लाखों मौतें
  • फेफड़ों और गले का कैंसर
  • दिल की बीमारियां
  • युवाओं में नशे की प्रवृत्ति

सरकार उच्च कर दरें लगाकर इन उत्पादों की खपत कम करना चाहती है।

अनुसंधान बताता है कि जब किसी हानिकारक वस्तु पर टैक्स बढ़ता है,

तो उसकी खपत में 20%–30% तक कमी आती है।


इन नए बिलों का आम जनता पर क्या असर होगा?

1. सिन गुड्स और महंगे होंगे

तंबाकू, गुटखा, सिगरेट और पान मसाला के दाम बढ़ सकते हैं।

2. स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव

कीमत बढ़ने से इनका सेवन कम होगा और इससे बीमारियां घटेंगी।

3. सरकारी राजस्व बढ़ेगा

सुरक्षा और स्वास्थ्य परियोजनाओं में अधिक निवेश किया जा सकेगा।

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उद्योग जगत की क्या प्रतिक्रिया है?

सिन गुड्स उद्योग से जुड़े लोग इसका विरोध कर सकते हैं,

क्योंकि कर बढ़ने से उनकी बिक्री पर असर पड़ेगा।

कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि काले बाजार को रोकने के लिए सख्त निगरानी की जरूरत होगी।

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