केरल में राजनीतिक मोड़: कांग्रेस, CPI(M) और BJP ने मिलाया हाथ – जानें कहाँ और क्यों unfolded हुआ यह ड्रामा
भारतीय राजनीति में विरोधी दलों का एकसाथ आ जाना किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगता। लेकिन केरल में हाल ही में ऐसा राजनीतिक ड्रामा देखा गया जिसने सभी को चौंका दिया। यहाँ कांग्रेस, CPI(M) और BJP – तीनों ऐसी पार्टियाँ हैं जो आमतौर पर एक-दूसरे के खिलाफ खड़ी रहती हैं। लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल उलट है। इन तीनों दलों ने अपने मतभेद भुलाकर एक साझा मोर्चा बना लिया है। और इसका लक्ष्य किसी राष्ट्रीय दल को रोकना नहीं, बल्कि एक स्थानीय कारोबारी समूह की राजनीतिक पार्टी – Twenty20 को रोकना है।

यह राजनीतिक गठबंधन केरल के कुछ स्थानीय निकाय चुनावों में लड़ाई की तस्वीर पूरी तरह बदल सकता है।
कहाँ unfolded हुआ यह राजनीतिक घटनाक्रम?
केरल में राजनीतिक मोड़: यह नाटकीय मोड़ मुख्य रूप से एर्नाकुलम (Ernakulam) जिले में unfolding हुआ – जहाँ किटेक्स ग्रुप का प्रभाव सबसे अधिक है,
और उसकी राजनीतिक पार्टी Twenty20 तेजी से मजबूत होती जा रही है।
पेरूमबवूर, किज़ाक्कांडे, और आस-पास के क्षेत्रों में Twenty20 ने पिछले वर्षों में कई पंचायतों में शानदार प्रदर्शन किया था,
और अब अगले हफ्ते होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में वह और बड़ी जीत की उम्मीद कर रही है।
इसी बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए तीन विरोधी राष्ट्रीय/राज्यीय राजनीतिक दलों ने पहली बार एकजुट होने का फैसला लिया है।
Twenty20 पार्टी कौन है और क्यों डर रही हैं बड़ी पार्टियाँ?
Twenty20 कोई पारंपरिक राजनीतिक दल नहीं है।
यह मूल रूप से किटेक्स ग्रुप द्वारा शुरू की गई एक सामाजिक–राजनीतिक पहल है,
जिसका दावा है कि वह—
- पारदर्शिता
- भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन
- स्थानीय विकास
- जनता की प्रत्यक्ष भागीदारी
को प्राथमिकता देती है।
कई पंचायतों में इस पार्टी ने सड़कों, जल आपूर्ति, सफाई और सामुदायिक कार्यक्रमों में ऐसे सुधार किए हैं जिन्हें जनता ने खूब सराहा है।
परिणामस्वरूप:
- स्थानीय मतदाताओं का झुकाव तेजी से बढ़ा
- पारंपरिक पार्टियों की पकड़ कमजोर होने लगी
- Twenty20 एक “विकल्प” के रूप में उभर गई
यही डर अब कांग्रेस, CPI(M) और BJP को एक मंच पर खड़ा कर रहा है।
तीन दल क्यों बने एक? कारण सीधा है-राजनीतिक अस्तित्व
इन दलों का लक्ष्य केवल इतना है कि Twenty20 स्थानीय निकायों में बहुत अधिक नियंत्रण न हासिल कर ले।
यदि Twenty20 पंचायतों और नगर पालिकाओं में मजबूत हो गई तो:
- उसकी लोकप्रियता विधानसभा तक पहुँच सकती है
- व्यापार समूह का राजनीतिक प्रभाव बढ़ेगा
- पुरानी पार्टियों का जनाधार कम हो सकता है
इसलिए, राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार – यह गठबंधन डर से जन्मा गठबंधन है।
जनता कैसे देख रही है यह गठबंधन?
जनता की राय काफी दिलचस्प है-
- कई लोग इस गठबंधन को “अस्वाभाविक” कह रहे हैं
- कुछ इसे Twenty20 की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण मानते हैं
- कई मतदाताओं का कहना है कि यदि विरोधी दल एकजुट होकर किसी को रोकने आएँ, तो इसका मतलब है कि वह पार्टी सशक्त हो चुकी है
सोशल मीडिया पर लोग यह टिप्पणी भी कर रहे हैं –
“जहाँ कांग्रेस, सीपीएम और बीजेपी साथ आ जाएँ, समझ जाइए कि Twenty20 सच में गेम बदल रही है।”
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अगले हफ्ते होने वाले चुनाव में क्या होगा?
आने वाले दिनों में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव बहुत दिलचस्प होने वाले हैं।
- क्या तीन बड़ी पार्टियों का गठबंधन सफल होगा?
- या जनता Twenty20 की विकास राजनीति को प्राथमिकता देगी?
- क्या यह परिणाम पूरे केरल की राजनीति को प्रभावित करेगा?
इन सवालों के जवाब चुनाव की गिनती वाले दिन सामने आएंगे।
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