अडानी में निवेश करना भारत में निवेश करने जैसा है: मार्क मोबियस के बयान से अडानी शेयरों में उछाल
इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में नई उम्मीद तब जगी जब वैश्विक निवेश विशेषज्ञ मार्क मोबियस ने कहा कि अडानी में निवेश करना भारत में निवेश करने जैसा है। उनके इस बयान ने न केवल अडानी ग्रुप के प्रति भरोसा बढ़ाया, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि यह समूह भारत की आर्थिक वृद्धि में अहम भूमिका निभा रहा है।

मोबियस के इस सकारात्मक बयान के बाद अडानी ग्रुप की विभिन्न कंपनियों के शेयरों में उल्लेखनीय तेजी देखी गई। देश और विदेश के निवेशकों ने फिर से अडानी के शेयरों में रुचि दिखाई।
मार्क मोबियस का अडानी ग्रुप को समर्थन
प्रसिद्ध वैश्विक निवेशक मार्क मोबियस ने कहा कि अडानी ग्रुप ने कठिन समय में भी अपनी मजबूती और स्थिरता बनाए रखी है। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में मोबियस ने कहा कि अडानी की कंपनियां भारत के ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की रीढ़ हैं और देश की दीर्घकालिक आर्थिक दिशा को प्रभावित करेंगी।
उन्होंने कहा, “जब आप अडानी में निवेश करते हैं, तो आप भारत की प्रगति में निवेश करते हैं।”
उनका यह बयान सीधे तौर पर भारत सरकार के विकास एजेंडे के अनुरूप है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा, हवाईअड्डे, बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत बनाना शामिल है। मोबियस के इस बयान को बाजार विशेषज्ञों ने भारत की स्थिर और तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में भरोसे का संकेत माना।
अडानी ग्रुप के शेयरों में तेजी
मार्क मोबियस के बयान के बाद भारतीय शेयर बाजार में अडानी ग्रुप के शेयरों में जोरदार बढ़त देखने को मिली।
दो कारोबारी सत्रों में अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पोर्ट्स, और अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयरों में 6% से 10% तक उछाल आया। विश्लेषकों का मानना है कि यह वृद्धि निवेशकों के नये विश्वास और बेहतर वित्तीय पारदर्शिता के कारण हुई है।
मोबियस के समर्थन से अब संस्थागत और खुदरा निवेशक दोनों अडानी में निवेश करने के प्रति अधिक आश्वस्त हैं।
हाल के वित्तीय नतीजों से पता चला कि अडानी ग्रुप की राजस्व वृद्धि लगातार बनी हुई है,
खासकर ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट में। शेयरों की तेजी ने यह संकेत दिया
कि भारत की संरचनात्मक वृद्धि की कहानी में अडानी की भूमिका और भी मजबूत हो रही है।
वैश्विक नजरिया और भारत की विकास गाथा
मोबियस का बयान केवल अडानी ग्रुप तक सीमित नहीं है,
बल्कि यह भारत की व्यापक विकास गाथा को भी रेखांकित करता है।
अडानी ग्रुप बंदरगाहों, हवाईअड्डों, सौर ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के माध्यम से भारत को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने की दिशा में अग्रसर है।
इनकी परियोजनाएं ‘मेक इन इंडिया’ और ‘ग्रीन एनर्जी’ जैसी सरकारी पहलों के अनुरूप हैं,
जिससे यह समूह भारत की दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती का प्रतीक बन गया है।
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वैश्विक निवेशकों की नजर में भारत आज एक स्थिर और आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में उभर रहा है।
मजबूत उपभोक्ता बाजार, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और राजनीतिक स्थिरता भारत को एक वैश्विक निवेश केंद्र बना रहे हैं।
नया विश्वास और भविष्य की दिशा
हाल में अडानी शेयरों की बढ़त इस बात का संकेत है कि बाजार ने अब समूह की रणनीति, पारदर्शिता और नेतृत्व पर फिर से भरोसा जताया है।
कंपनी अब डेटा सेंटर्स, सप्लाई चेन लॉजिस्टिक्स और ग्रीन हाइड्रोजन जैसी नई परियोजनाओं में निवेश बढ़ा रही है।
अडानी ग्रुप के मजबूत फंडामेंटल्स, सरकारी सहयोग और वैश्विक पहचान इसे भारत की अर्थव्यवस्था का एक अहम स्तंभ बनाते हैं।
मार्क मोबियस के शब्दों में — “अडानी में निवेश करना भारत में निवेश करने जैसा है।”
यह केवल एक कंपनी में भरोसे की बात नहीं, बल्कि भारत की विकास यात्रा में निवेश का प्रतीक है।
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