विश्व खाद्य दिवस: भूख मिटाने और स्वस्थ भोजन को बढ़ावा देने की वैश्विक पहल
हर साल 16 अक्टूबर को पूरी दुनिया में विश्व खाद्य दिवस (World Food Day) मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना, भूख को खत्म करना और पौष्टिक भोजन को बढ़ावा देना है। यह दिन 1945 में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) की स्थापना की वर्षगांठ को भी दर्शाता है।

विश्व खाद्य दिवस की शुरुआत वर्ष 1979 में हुई थी, जब द्वितीय विश्व युद्ध के बाद विश्व में बढ़ती भूख और खाद्य संकट को देखते हुए एकजुट प्रयासों की आवश्यकता महसूस हुई। आज 150 से अधिक देशों में यह दिन मनाया जाता है और यह भोजन तथा पोषण से जुड़े मुद्दों के प्रति सबसे बड़ा वैश्विक अभियान बन गया है।
विश्व खाद्य दिवस का महत्व
विश्व खाद्य दिवस केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हर व्यक्ति, समुदाय और सरकार के लिए एक चेतावनी और अवसर है। इस दिन दुनिया भर में कई जागरूकता अभियान, शिक्षण कार्यक्रम, और सामुदायिक आयोजन होते हैं जिनका उद्देश्य खाद्य अपव्यय को कम करना, भूख मिटाना और पोषण स्तर बढ़ाना है।
वर्ष 2025 विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह FAO की 80वीं वर्षगांठ है।
आठ दशकों से FAO भूख समाप्त करने और टिकाऊ खाद्य प्रणालियों के निर्माण में काम कर रहा है।
क्यों पहले से ज्यादा जरूरी है विश्व खाद्य दिवस
आज की दुनिया में विश्व खाद्य दिवस का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है:
- भूख और कुपोषण: वर्तमान में 670 मिलियन से अधिक लोग भूख से जूझ रहे हैं, जबकि करोड़ों लोग कुपोषण का शिकार हैं।
- जलवायु परिवर्तन: मौसम में असामान्य बदलाव, सूखा, बाढ़ और भूमि की गुणवत्ता में गिरावट से कृषि प्रभावित हो रही है।
- खाद्य असमानता और अपव्यय: एक तरफ लाखों लोग भूखे हैं, वहीं दूसरी ओर बड़ी मात्रा में भोजन बर्बाद होता है।
- संसाधनों पर दबाव: वर्ष 2025 की थीम “Water is Life, Water is Food: Leave No One Behind” जल प्रबंधन, कृषि और पोषण के बीच के गहरे संबंध को दर्शाती है।
विश्व खाद्य दिवस 2025 की थीम और वैश्विक पहलें
इस वर्ष की थीम है — “Hand in Hand for Better Foods and a Better Future”।
इसका उद्देश्य सहयोग और नवाचार के माध्यम से टिकाऊ खाद्य प्रणालियों का निर्माण करना है।
FAO और उसके साझेदार 10 से 17 अक्टूबर तक World Food Forum 2025 का आयोजन करेंगे,
जिसमें दुनिया भर के वैज्ञानिक, युवा नेता, और कृषि उद्यमी शामिल होंगे।
यह कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य (SDG 2: Zero Hunger) को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।
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लोग कैसे योगदान दे सकते हैं?
विश्व खाद्य दिवस केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं है — हर व्यक्ति इसमें भागीदार बन सकता है:
- सोच-समझकर भोजन करें और अपव्यय कम करें।
- स्थानीय किसानों और टिकाऊ खेती का समर्थन करें।
- भूख से जूझ रहे लोगों के लिए सामुदायिक सहायता कार्यक्रमों में भाग लें।
- सोशल मीडिया और स्थानीय आयोजनों के माध्यम से जागरूकता फैलाएं।
विश्व खाद्य दिवस केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक आंदोलन है
जो हमें याद दिलाता है कि भोजन हर व्यक्ति का मौलिक अधिकार है।
बढ़ती भूख, जलवायु संकट और खाद्य असमानता के दौर में यह दिन हमें एक साथ आने, संवेदनशील बनने और टिकाऊ बदलाव लाने के लिए प्रेरित करता है।
हर छोटी कोशिश—चाहे वह भोजन बचाने की हो या दूसरों के साथ बांटने की—हमें उस दुनिया के करीब ले जाती है जहाँ कोई भी भूखा न सोए।
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