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नाभि में पानी डालने के फायदे: प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ से जानिए सही तरीका

भारतीय परंपराओं में स्नान केवल शरीर की सफाई नहीं, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य और ऊर्जा संतुलन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण संस्कार माना जाता है। बचपन से हम सुनते आए हैं कि सुबह उठकर सही तरीके से स्नान करना शरीर और मन—दोनों के लिए लाभकारी होता है। इन्हीं परंपराओं में एक मान्यता यह भी है कि नहाने से पहले नाभि में पानी डालना विशेष लाभ देता है। लेकिन इसके पीछे का तर्क क्या है? और स्नान के समय शरीर पर सबसे पहले पानी कहां डालना चाहिए? इस विषय पर प्राकृतिक चिकित्सा यानी नैचुरोपैथी विशेषज्ञों की राय जानना दिलचस्प है।

नाभि में पानी डालने के फायदे

नाभि में पानी डालने के फायदे: नाभि का शरीर में महत्व

प्राकृतिक चिकित्सा और आयुर्वेद के अनुसार नाभि को शरीर का केंद्र बिंदु माना जाता है। यह स्थान गर्भावस्था के समय मां से पोषण प्राप्त करने का माध्यम होता है और जन्म के बाद भी शरीर की कई ऊर्जा नाड़ियों से जुड़ा रहता है। मान्यता है कि नाभि क्षेत्र में शरीर की आंतरिक गर्मी और पाचन तंत्र का संतुलन प्रभावित होता है।


नहाने से पहले नाभि में पानी डालने की परंपरा

नैचुरोपैथी विशेषज्ञों के अनुसार, नहाने से पहले नाभि में कुछ बूंदें साफ पानी डालने से शरीर को धीरे-धीरे ठंडक मिलती है। इससे अचानक ठंडे पानी से स्नान करने पर होने वाला झटका कम हो सकता है।

यह अभ्यास खासतौर पर गर्मियों में शरीर के तापमान को संतुलित करने में सहायक माना जाता है।

कुछ लोग मानते हैं कि इससे पाचन तंत्र को भी लाभ मिलता है और शरीर की आंतरिक ऊर्जा शांत होती है। हालांकि यह एक पारंपरिक और वैकल्पिक स्वास्थ्य मान्यता है, जिसे जीवनशैली की आदत के रूप में देखा जाता है, न कि किसी चिकित्सीय उपचार के रूप में।


स्नान के दौरान पानी सबसे पहले कहां डालें?

प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि स्नान करते समय पानी डालने का क्रम भी महत्वपूर्ण होता है। पारंपरिक रूप से सलाह दी जाती है कि:

  • सबसे पहले पैरों पर पानी डालें
  • फिर धीरे-धीरे घुटनों और कमर की ओर बढ़ें
  • इसके बाद पेट और छाती पर पानी डालें
  • अंत में सिर पर पानी डालकर स्नान पूरा करें

इस क्रम का उद्देश्य शरीर को धीरे-धीरे पानी के तापमान के अनुरूप ढालना है,

जिससे रक्त संचार संतुलित रहे और हृदय पर अचानक दबाव न पड़े।


अचानक सिर पर पानी डालने से क्यों बचें?

नैचुरोपैथी के अनुसार, सीधे सिर पर ठंडा पानी डालने से कुछ लोगों को चक्कर, सिरदर्द या असहजता महसूस हो सकती है। खासकर सर्दियों में या सुबह-सुबह, शरीर को समय देना जरूरी होता है ताकि वह तापमान परिवर्तन के साथ तालमेल बैठा सके।


नाभि में पानी डालने के अन्य माने जाने वाले लाभ

लोकमान्यताओं और प्राकृतिक चिकित्सा के अनुभवों के आधार पर नाभि में पानी डालने से जुड़े कुछ संभावित लाभ बताए जाते हैं:

  • शरीर में ताजगी और हल्कापन महसूस होना
  • सुबह के समय सुस्ती में कमी
  • स्नान के बाद मानसिक शांति का अनुभव
  • शरीर की गर्मी और ठंडक का संतुलन

यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये लाभ व्यक्ति-व्यक्ति पर निर्भर करते हैं।

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नाभि में पानी डालने के फायदे: क्या सभी के लिए यह तरीका सही है?

प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है।

यदि किसी को ठंड से एलर्जी, त्वचा संबंधी समस्या या कोई विशेष स्वास्थ्य परेशानी है,

तो उसे अपनी शारीरिक स्थिति के अनुसार स्नान की आदतें अपनानी चाहिए।

किसी भी पारंपरिक उपाय को ज़बरदस्ती अपनाना जरूरी नहीं है।

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