Lona Chamarin Tantric Woman: कामाख्या क्षेत्र की रहस्यमयी तांत्रिक महिला, जिनके आज भी जीवित होने की मान्यता है
भारत की तांत्रिक परंपरा में कुछ नाम ऐसे हैं, जो इतिहास, लोककथाओं और आध्यात्मिक विश्वासों के बीच एक रहस्य की तरह मौजूद हैं। इन्हीं में से एक नाम है Lona Chamarin Tantric Woman, जिनका संबंध असम के कामरूप क्षेत्र से माना जाता है। लोकमान्यताओं और तांत्रिक परंपराओं के अनुसार, लोना चामरिन न केवल अपने समय की महान तांत्रिक साधिका थीं, बल्कि आज भी उनके जीवित होने की आस्था प्रचलित है।

कामरूप और कामाख्या: तंत्र की भूमि
Lona Chamarin Tantric Woman: असम का कामरूप क्षेत्र प्राचीन काल से ही तंत्र साधना का केंद्र रहा है। यहीं स्थित है Kamakhya Temple, जो शक्ति उपासना और वाममार्गी तंत्र का प्रमुख स्थल माना जाता है। इस क्षेत्र की साधनाएं रहस्यमयी, गूढ़ और सामान्य जनमानस से अलग मानी जाती हैं। लोना चामरिन की कथा भी इसी परंपरा से जुड़ी हुई है।
Lona Chamarin Tantric Woman: लोना चामरिन कौन थीं?
लोककथाओं के अनुसार, लोना चामरिन असम के कामरूप क्षेत्र की रहने वाली थीं और वे चमार समुदाय से संबंध रखती थीं। कहा जाता है कि उनकी तांत्रिक सिद्धियों और साधना की गहराई को देखकर कई ब्राह्मणों ने भी उन्हें अपना गुरु स्वीकार किया। उस समय जाति से ऊपर उठकर किसी महिला साधिका को गुरु मानना अपने आप में एक असाधारण बात मानी जाती थी।
कालुआ तंत्र की महान साधिका
लोना चामरिन को कालुआ तंत्र की विशेषज्ञ माना जाता है। कालुआ तंत्र वाममार्गी तंत्र साधनाओं में गिना जाता है, जिसे अत्यंत कठिन और रहस्यमय माना जाता है। मान्यता है कि लोना चामरिन ने कालुआ तंत्र की 52 सिद्धियों (52 कालुआ) को पूर्ण रूप से सिद्ध किया था। यही कारण है कि उनका नाम तांत्रिक जगत में विशेष सम्मान और भय – दोनों के साथ लिया जाता है।
नीलाचल पर्वत और ‘त्रिया प्रदेश’ का रहस्य
कामाख्या मंदिर के पास स्थित नीलाचल पर्वत पर एक क्षेत्र को आज भी ‘त्रिया प्रदेश’ कहा जाता है।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, उस स्थान पर सामान्य लोगों का जाना वर्जित है।
यह भी कहा जाता है कि यदि कोई पुरुष उस क्षेत्र में प्रवेश करता है, तो वह वापस नहीं लौटता।
तांत्रिक कथाओं में यह भी उल्लेख मिलता है कि महान गुरु Matsyendranath कभी इस क्षेत्र में गए थे।
लोकविश्वास है कि आज भी लोना चामरिन उसी त्रिया प्रदेश में निवास करती हैं और साधना में लीन हैं।
सबर मंत्रों में लोना चामरिन का उल्लेख
लोना चामरिन का नाम असम की स्थानीय भाषा में रचित कई सबर मंत्रों में बार-बार आता है।
सबर साधनाओं में उनके नाम से जुड़े अनेक मंत्र आज भी प्रचलित हैं। तांत्रिक साधक मानते हैं
कि लोना चामरिन के नाम का जप विशेष सिद्धि और प्रभाव देता है।
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इतिहास या जीवित परंपरा?
यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि लोना चामरिन के आज भी जीवित होने की बात ऐतिहासिक प्रमाणों से नहीं,
बल्कि लोककथाओं और तांत्रिक विश्वासों से जुड़ी है। लेकिन भारत की तांत्रिक परंपरा में ऐसे कई उदाहरण मिलते हैं,
जहां साधकों को कालातीत माना गया है।
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