MDMA drug trafficker: भोपाल का स्कूल प्रिंसिपल निकला , थार SUV से करता था सप्लाई
मध्य प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने समाज और शिक्षा व्यवस्था दोनों को झकझोर कर रख दिया है। भोपाल का एक स्कूल प्रिंसिपल, जिसे लोग बच्चों का भविष्य संवारने वाला मानते थे, असल में MDMA ड्रग तस्करी के बड़े नेटवर्क का हिस्सा निकला। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी थार SUV का इस्तेमाल कर नशीले पदार्थों की सप्लाई करता था। इस मामले में इंदौर से दो महिलाओं समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

MDMA drug trafficker: इंदौर में कार्रवाई, बड़ा खुलासा
इंदौर पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर में MDMA जैसे खतरनाक ड्रग्स की सप्लाई की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। इसी दौरान एक थार SUV को रोका गया, जिसकी तलाशी में भारी मात्रा में MDMA ड्रग्स बरामद हुई। पूछताछ के दौरान जो नाम सामने आया, उसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।
स्कूल प्रिंसिपल का दोहरा जीवन
जांच में पता चला कि ड्रग सप्लाई का मास्टरमाइंड भोपाल का (MDMA drug trafficker) एक स्कूल प्रिंसिपल है। दिन में स्कूल का संचालन, बच्चों और अभिभावकों से संवाद और शिक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाने वाला यह व्यक्ति रात में नशे के काले कारोबार में सक्रिय था। पुलिस के अनुसार, आरोपी अपनी सामाजिक पहचान का फायदा उठाकर आसानी से एक शहर से दूसरे शहर तक ड्रग्स की सप्लाई करता था, ताकि किसी को शक न हो।
थार SUV से होती थी ड्रग्स की सप्लाई
पुलिस के मुताबिक, आरोपी थार SUV का इस्तेमाल करता था ताकि सफर के दौरान किसी को संदेह न हो। महंगी और दमदार गाड़ी होने के कारण वह आसानी से हाईवे और शहरों के बीच आवाजाही कर लेता था। ड्रग्स को बेहद शातिर तरीके से छिपाया जाता था, जिससे आम चेकिंग में भी पकड़ में आना मुश्किल था।
दो महिलाएं भी शामिल, नेटवर्क का दायरा बड़ा
इस मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि ये महिलाएं ड्रग्स की डिलीवरी और पैसों के लेन-देन में अहम भूमिका निभाती थीं। इससे साफ है कि यह कोई छोटा गिरोह नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क है, जो लंबे समय से सक्रिय था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क की जड़ें किन-किन शहरों तक फैली हुई हैं।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
एक स्कूल प्रिंसिपल का MDMA drug trafficker निकलना समाज के लिए बेहद चिंताजनक है।
जिस व्यक्ति पर बच्चों के नैतिक और शैक्षणिक विकास की जिम्मेदारी थी,
वही नशे के कारोबार में लिप्त पाया गया।
इस घटना ने शिक्षा संस्थानों में नियुक्ति प्रक्रिया और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
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पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है
और यह जानने की कोशिश कर रही है कि ड्रग्स कहां से लाई जाती थी
और किन-किन लोगों तक सप्लाई की जाती थी। अधिकारियों का कहना है
कि पूछताछ में कई और नाम सामने आ सकते हैं।
साथ ही, आरोपी की संपत्तियों और बैंक खातों की भी जांच की जा रही है।
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