अंकिता भंडारी केस में CBI जांच की मांग, सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब
उत्तराखंड की एक युवा लड़की अंकिता भंडारी की मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में जैसे-जैसे समय बीतता गया, वैसे-वैसे जनता का आक्रोश और गहरा होता चला गया। अब हालात यह हैं कि देश के कई हिस्सों में लोग सड़कों पर उतर आए हैं और एक ही मांग दोहरा रहे हैं—इस केस की जांच CBI से कराई जाए।

क्यों भड़का जनआक्रोश,अंकिता भंडारी केस सीबीआई जांच?
अंकिता भंडारी केस सीबीआई जांच एक आपराधिक घटना नहीं रहा, बल्कि यह सिस्टम पर उठते सवालों का प्रतीक बन गया है। लोगों का मानना है कि इस मामले में सच्चाई तक पहुंचने के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच जरूरी है। स्थानीय जांच एजेंसियों पर भरोसा कमजोर पड़ने के बाद CBI जांच की मांग जोर पकड़ने लगी है।
परिवार, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों का कहना है कि जब तक जांच पूरी तरह पारदर्शी नहीं होगी, तब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिल सकता।
सड़कों पर उतरे हजारों लोग
बीते दिनों कई शहरों और कस्बों में भारी भीड़ देखने को मिली। हाथों में तख्तियां, आंखों में गुस्सा और दिल में न्याय की उम्मीद लिए लोग सड़कों पर उतरे। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग—हर वर्ग के लोग इस आंदोलन में शामिल नजर आए।
इन प्रदर्शनों में “न्याय चाहिए”, “CBI जांच कराओ” जैसे नारे गूंजते रहे। यह साफ संकेत है कि यह मामला अब सिर्फ एक राज्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है।
परिवार की पीड़ा और उम्मीद
अंकिता के परिवार के लिए यह संघर्ष सबसे ज्यादा भावनात्मक है। उनका कहना है कि बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए वे आखिरी सांस तक लड़ेंगे। परिवार बार-बार यह मांग दोहरा रहा है कि CBI जैसी केंद्रीय एजेंसी ही इस केस की निष्पक्ष जांच कर सकती है, ताकि किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाया न जा सके।
CBI जांच की मांग क्यों?
CBI को देश की सबसे भरोसेमंद जांच एजेंसियों में गिना जाता है।
जब किसी मामले में राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव की आशंका होती है तब CBI जांच की मांग आम हो जाती है। अंकिता भंडारी केस में भी लोगों को डर हैकि अगर जांच सही दिशा में नहीं गई, तो सच्चाई सामने नहीं आ पाएगी।
इसी वजह से जनआंदोलन का मुख्य केंद्र CBI जांच की मांग बन गई है।
राजनीति और समाज की प्रतिक्रिया
इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
कई राजनीतिक दल खुलकर CBI जांच का समर्थन कर रहे हैं
तो कुछ पर चुप्पी साधने के आरोप लग रहे हैं।
वहीं सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार समूहों ने इस घटना को महिलाओं की सुरक्षा से जोड़ते हुए बड़े सवाल खड़े किए हैं।
उनका कहना है कि अगर ऐसे मामलों में सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो समाज में गलत संदेश जाएगा।
इसे भी पढ़ें: Indian Army’s historic leap
CBI जांच में आगे क्या?
फिलहाल सबकी नजर सरकार और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई है।
क्या CBI जांच को मंजूरी मिलेगी या नहीं, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। लेकिन इतना तय है
कि अंकिता भंडारी केस ने जनता को एकजुट कर दिया है
और यह आवाज अब इतनी तेज हो चुकी है कि इसे अनसुना करना आसान नहीं होगा।
khaberbox.com पर पढ़ें ताजा समाचार (हिंदी समाचार), मनोरंजन, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म, शिक्षा, बाज़ार और प्रौद्योगिकी से जुड़ी हर खबर। समय पर अपडेट या हिंदी ब्रेकिंग न्यूज के लिए खबर बॉक्स चुनें। अपने समाचार अनुभव को और बेहतर बनाएं।

