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Tatkal Ticket Booking Crackdown: फर्जी ID पर कार्रवाई से Tatkal टिकट मिलना हुआ आसान

Tatkal टिकट बुक करना आम यात्रियों के लिए लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रहा है। जैसे ही Tatkal विंडो खुलती थी, कुछ ही सेकंड में टिकट खत्म हो जाते थे और आम लोग हाथ मलते रह जाते थे। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह थी फर्जी यूजर ID, बॉट्स और ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर के जरिए टिकटों की कालाबाजारी। अब इस समस्या पर बड़ा एक्शन लेते हुए Indian Railways ने Tatkal टिकट बुकिंग में बड़े स्तर पर सुधार की पहल की है। साल की शुरुआत से अब तक 3.02 करोड़ से अधिक संदिग्ध यूजर ID ब्लॉक की जा चुकी हैं, जिससे Tatkal टिकट की उपलब्धता में साफ सुधार देखने को मिल रहा है।

Tatkal ticket booking crackdown

Tatkal टिकट में दिक्कत की असली वजह क्या थी?

पिछले कुछ वर्षों में Tatkal टिकट बुकिंग में कई तरह की अनियमितताएं सामने आई थीं, जैसे:

  • एक ही व्यक्ति द्वारा कई फर्जी ID बनाना
  • बॉट्स के जरिए सेकंडों में टिकट बुक करना
  • एजेंटों द्वारा टिकट ब्लॉक कर ऊंचे दामों पर बेचना
  • आम यात्रियों को वेबसाइट पर लॉग-इन तक का मौका न मिलना

इन कारणों से Tatkal योजना का उद्देश्य ही कमजोर हो गया था, जो असल में आपात यात्रा करने वाले आम लोगों के लिए बनाई गई थी।


3.02 करोड़ फर्जी ID ब्लॉक: अब क्या बदला?

रेलवे द्वारा शुरू किए गए Tatkal ticket booking crackdown के तहत:

  • 3.02 करोड़ से ज्यादा संदिग्ध और फर्जी ID बंद की गईं
  • एक मोबाइल नंबर और आधार से जुड़ी ID की सख्ती बढ़ाई गई
  • असामान्य बुकिंग पैटर्न पर रीयल-टाइम निगरानी शुरू हुई

इसका सीधा असर यह हुआ कि Tatkal टिकट अब कुछ सेकंड में नहीं, बल्कि कई मिनट तक उपलब्ध रहने लगे हैं, जिससे आम यात्रियों को बुकिंग का वास्तविक मौका मिल रहा है।


नया Anti-Bot System क्या है?

रेलवे ने Tatkal बुकिंग के लिए एक नया एंटी-बॉट सिस्टम भी लागू किया है। इसका मकसद ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर और स्क्रिप्ट्स को पहचानकर उन्हें रोकना है।

इस सिस्टम की खास बातें:

  • इंसान और बॉट के व्यवहार में अंतर पहचानना
  • अत्यधिक तेज बुकिंग प्रयासों को ब्लॉक करना
  • संदिग्ध IP एड्रेस और डिवाइस को चिन्हित करना
  • केवल वास्तविक यूजर को बुकिंग की अनुमति

इस तकनीक के कारण बॉट्स के जरिए टिकट हथियाने का खेल काफी हद तक बंद हो गया है।


आम यात्रियों को क्या फायदा हुआ?

इस सख्त कार्रवाई के बाद आम यात्रियों को कई तरह की राहत मिली है:

1. Tatkal टिकट मिलने की संभावना बढ़ी

अब टिकट बुकिंग कुछ सेकंड का खेल नहीं रही।

2. वेबसाइट पर ट्रैफिक संतुलित

फर्जी ID हटने से सिस्टम पर दबाव कम हुआ है।

3. एजेंटों की मनमानी पर रोक

कालाबाजारी करने वालों के लिए टिकट जुटाना मुश्किल हो गया है।

4. भरोसा वापस लौटा

यात्रियों का भरोसा Tatkal सिस्टम पर दोबारा बनने लगा है।


रेलवे का संदेश: सिस्टम का दुरुपयोग नहीं होगा बर्दाश्त

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। जो भी यूजर या एजेंट:

  • फर्जी पहचान
  • ऑटोमेशन टूल
  • या नियमों के खिलाफ बुकिंग

करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ तत्काल और स्थायी कार्रवाई की जाएगी।

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भविष्य में Tatkal सिस्टम और कैसे सुधरेगा?

रेलवे आने वाले समय में:

  • KYC नियम और सख्त कर सकता है
  • आधार आधारित वेरिफिकेशन बढ़ा सकता है
  • AI-आधारित निगरानी सिस्टम लागू कर सकता है

ताकि Tatkal योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंचे।

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