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पंजाब में बाढ़ की तबाही: 1300 गांव जलमग्न, 30 लोगों की मौत, और 2.56 लाख से अधिक प्रभावित

भारी मानसून और सतलुज, ब्यास, और रावी नदियों के उफान के कारण, पंजाब पिछले दशकों की सबसे भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है। 1 सितंबर तक, पंजाब के 12 जिलों के कम से कम 1300 गांव पानी में डूब गए हैं, 30 मजदूर व निवासियों की मौत हो चुकी है, और 2.56 लाख से अधिक लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं।

पंजाब में बाढ़ की तबाही

📈 बढ़ता जलस्तर, बढ़ती परेशानियाँ

बाढ़ संकट की शुरुआत अगस्त की शुरुआत में हुई, जब पंजाब और हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर के ऊँचे क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश आई। नदियाँ उफान पर आ गईं, जिससे तटबंध टूट गए और घर, खेत, और आधारभूत ढाँचा बह गया। पठानकोट, गुरदासपुर, फाजिल्का, कपूरथला, तरनतारण, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं।

3 लाख एकड़ से अधिक फसल बरबाद हो गई है।

ग्रामीण परिवारों ने अपने घर, जानवर, और रोज़गार खो दिए।

डूबे हुए खेतों और नावों से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक ले जाते हुए दृश्य आम हो गए हैं।

हजारों लोग अस्थायी राहत शिविरों में रह रहे हैं।


😔 हादसा और दर्द

मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

कई लोग बाढ़ के पानी में डूब गए, कुछ गिरे हुए छत के नीचे दबे, तो कुछ पानी में डूबे तारों के कारण करंट लगने से मारे गए।

मरने वालों में बच्चे, किसान, बुजुर्ग और पूरे परिवार शामिल हैं, जिन्हें सिर्फ शरीर पर कपड़े पहनकर घर छोड़ना पड़ा।

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पठानकोट में ही रावी नदी के उफान से छह लोगों की मौत हुई। होशियारपुर, अमृतसर, लुधियाना, मानसा, रूपनगर और बरनाला जिलों में तीन-तीन मौतें हुईं। बठिंडा, गुरदासपुर, पटियाला, मोहाली, संगरूर और फाजिल्का में एक-एक की जान गई।


🚁 राहत और बचाव अभियान

पंजाब सरकार, सेना, वायुसेना, NDRF, BSF और पुलिस सभी ने मिलकर बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया है।

अब तक 15,000 से अधिक लोगों को बाढ़ग्रस्त गांवों से बचाया जा चुका है।

करीब 7,100 लोग 129 राहत शिविरों में रह रहे हैं, हजारों को अभी भी मदद की दरकार है।

सबसे डूबी हुई जगहों में नावों और हेलीकॉप्टरों के ज़रिए लोगों की निकासी जारी है,

और स्वयंसेवक भोजन, पानी व अन्य जरूरी सामान पहुंचा रहे हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तत्काल राहत और पुनर्निर्माण के लिए 60,000 करोड़ रुपये की केन्द्रीय मदद मांगी है।

कई गांव अब भी कटे हुए हैं, इसलिए खाना, दवाइयां और साफ पानी के लिए अपीलें की जा रही हैं।


🧑‍🤝‍🧑 मानवीय असर और आगे की राह

बाढ़ ने सिर्फ संपत्ति ही नहीं, जिंदगी भी तबाह कर दी है। बेघर परिवार, स्कूल से दूर बच्चे, और फसल की चिंता में डूबे किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। सरकार और स्थानीय एजेंसियाँ लगातार राहत कार्य में जुटी हैं, लेकिन पुनर्निर्माण में महीनों और भारी संसाधनों की जरूरत होगी।

पंजाब में आई बाढ़ आने वाले समय में मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर, बेहतर आपदा तैयारी और जलवायु संकट से निपटने की सीख देती है।

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