Indian Army Kamikaze Drones: आधुनिक युद्ध के लिए भारत का बड़ा कदम
आधुनिक युद्ध अब केवल बंदूक और टैंकों तक सीमित नहीं रह गया है। ड्रोन, साइबर तकनीक और सटीक हमलों ने सैन्य रणनीति की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। इसी बदलते युद्ध परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए भारत ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। सूत्रों के मुताबिक, Indian Army जल्द ही 850 अत्याधुनिक और घातक कामिकाज़े ड्रोन खरीदेगी। इस परियोजना पर करीब ₹2,000 करोड़ की लागत आएगी और इसे फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया के तहत लागू किया जाएगा।

ऑपरेशन सिंदूर से मिले सबक
इस फैसले की पृष्ठभूमि में हालिया सैन्य अनुभव अहम भूमिका निभा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि यह निर्णय Operation Sindoor के दौरान सामने आई जरूरतों और सीख के बाद लिया गया है।
ऑपरेशन के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि:
- दुश्मन के ठिकानों पर सटीक और त्वरित हमला जरूरी है
- बिना सैनिकों की जान जोखिम में डाले टारगेट को नष्ट करने की क्षमता अहम है
- रियल-टाइम निगरानी और हमला भविष्य के युद्ध की कुंजी है
कामिकाज़े ड्रोन इन सभी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम माने जाते हैं।
क्या होते हैं कामिकाज़े ड्रोन?
कामिकाज़े ड्रोन को अक्सर लॉइटरिंग म्यूनिशन भी कहा जाता है। ये ड्रोन:
- लक्ष्य क्षेत्र में मंडराते रहते हैं
- सही समय और सही लक्ष्य मिलने पर
- खुद को टारगेट से टकराकर विस्फोट कर देते हैं
इस वजह से ये ड्रोन बेहद सटीक, घातक और प्रभावी होते हैं। इनका इस्तेमाल दुश्मन के बंकर, रडार सिस्टम, हथियार डिपो और आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करने में किया जा सकता है।
स्वदेशी तकनीक पर जोर
इस प्रस्ताव की सबसे अहम बात यह है कि:
- ड्रोन और उनके लॉन्चर स्वदेशी स्रोतों से लिए जाएंगे
- इससे ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूती मिलेगी
- भारतीय रक्षा उद्योग को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा
भारत लंबे समय से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम कर रहा है, और यह सौदा उसी सोच का हिस्सा है।
सिर्फ थल सेना नहीं, तीनों सेनाओं को मिलेगा फायदा
इन 850 कामिकाज़े ड्रोन का इस्तेमाल केवल थल सेना तक सीमित नहीं रहेगा। इन्हें:
- Indian Navy
- Indian Air Force
- और स्पेशल फोर्सेज
की क्षमताएं बढ़ाने के लिए भी तैनात किया जाएगा।
इससे तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय और संयुक्त अभियानों की ताकत बढ़ेगी।
तेजी से लागू होगी योजना
सूत्रों के अनुसार, यह प्रस्ताव फास्ट-ट्रैक मोड में लागू किया जाएगा। इसका मतलब है:
- खरीद प्रक्रिया में देरी नहीं होगी
- तकनीक को जल्दी मैदान में उतारा जाएगा
- सीमाओं और संवेदनशील क्षेत्रों में तुरंत तैनाती संभव होगी
यह दर्शाता है कि सरकार और रक्षा प्रतिष्ठान इस परियोजना को कितनी प्राथमिकता दे रहे हैं।
भारत की रणनीतिक क्षमता में क्या बदलाव आएगा?
कामिकाज़े ड्रोन के आने से भारत को कई रणनीतिक फायदे मिलेंगे:
- दुश्मन पर मनोवैज्ञानिक दबाव
- सीमित लागत में उच्च प्रभाव
- सैनिकों की जान को कम जोखिम
- आधुनिक युद्ध में बढ़त
आज के दौर में, जहां युद्ध तकनीक-आधारित होते जा रहे हैं, यह क्षमता भारत को क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति में खड़ा करेगी।
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भविष्य के युद्ध की तैयारी
विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में युद्ध:
- अधिक तकनीकी होंगे
- कम समय में निर्णायक होंगे
- मानव बल से ज्यादा ड्रोन और ऑटोमेशन पर आधारित होंगे
इस लिहाज से 850 कामिकाज़े ड्रोन की खरीद सिर्फ एक सौदा नहीं, बल्कि भविष्य की तैयारी है।
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