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UPI का वैश्विक विस्तार: भारत बनेगा दुनिया का डिजिटल पेमेंट हब

भारत में डिजिटल पेमेंट की क्रांति एक और ऐतिहासिक पड़ाव पर पहुंचने वाली है। UPI का वैश्विक विस्तार जल्द ही 192 देशों में सुरक्षित भुगतान की सुविधा देगा, जो किसी भी फिनटेक सिस्टम के लिए विश्व में सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक होगी।

UPI का वैश्विक विस्तार

यह कदम भारत को कैशलेस और बॉर्डरलेस इकोनॉमी की दिशा में अग्रसर करता है और देश की डिजिटल नवाचार क्षमता को एक नया वैश्विक पहचान प्रदान करता है।


UPI और UPU के बीच ग्लोबल इंटीग्रेशन प्रोजेक्ट

दुबई में आयोजित 28वें यूनिवर्सल पोस्टल कांग्रेस के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने UPI–UPU इंटीग्रेशन प्रोजेक्ट की घोषणा की।
यह परियोजना भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (UPU) के इंटरकनेक्शन प्लेटफॉर्म को जोड़ती है।

इसका उद्देश्य विश्वभर में पैसे भेजने, डिजिटल रेमिटेंस और ऑनलाइन व्यापार को तेज़, आसान और सस्ता बनाना है।

परियोजना में तीन प्रमुख संस्थाएँ शामिल हैं —

  1. National Payments Corporation of India (NIPL)
  2. Department of Posts (DoP)
  3. Universal Postal Union (UPU)

UPI का वैश्विक विस्तार कैसे काम करेगा

UPU के ग्लोबल पोस्टल नेटवर्क से जुड़ने के बाद, भारतीय नागरिक और व्यवसाय रीयल-टाइम में 192 देशों में पेमेंट कर सकेंगे। कतर या सिंगापुर में रहने वाला भारतीय कुछ ही सेकंड में UPI-सपोर्टेड ऐप से भारत में अपने परिवार को पैसा भेज सकेगा।

वर्तमान में UPI 20 से अधिक देशों जैसे सिंगापुर, यूएई, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल और भूटान में सक्रिय है।

इस विस्तार के बाद यह संख्या 192 देशों तक पहुंच जाएगी — जो लगभग पूरे UPU सदस्य देशों का नेटवर्क कवर करेगी।


भारत के लिए गर्व का क्षण

यह घोषणा भारत के लिए राष्ट्रीय गर्व का क्षण है।

2016 में शुरू हुई Digital India पहल अब वैश्विक वित्तीय व्यवस्था का चेहरा बदल रही है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा,

“यह सिर्फ तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन है — जो हर व्यक्ति को वित्तीय सशक्तिकरण की दिशा में ले जाएगा।”

यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन को साकार करती है जिसमें भारत सिर्फ सॉफ्टवेयर नहीं, बल्कि वैश्विक समाधान प्रदान करने वाला देश बने।


UPI का वैश्विक विस्तार क्यों है फायदेमंद

  • प्रवासी भारतीयों के लिए: कम शुल्क में तुरंत भारत में धन प्रेषण।
  • छोटे व्यवसायों के लिए: सीमाओं के पार व्यापार और भुगतान में आसानी।
  • पर्यटकों के लिए: विदेशों में भी भारतीय बैंक खातों से UPI पेमेंट की सुविधा।
  • अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के लिए: भारत के मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच।

जहाँ पारंपरिक बैंक ट्रांसफर में दिन लगते हैं और शुल्क अधिक होता है, वहीं UPI इन सभी बाधाओं को खत्म करेगा और तेज़, पारदर्शी और सस्ते लेनदेन को वैश्विक स्तर पर सामान्य बनाएगा।


UPI का वैश्विक प्रभाव और विकास

2025 तक UPI ने 20 अरब से अधिक लेनदेन पूरे किए हैं, जिनका मूल्य ₹25 ट्रिलियन से अधिक है।

UPI अब केवल भारत का नहीं बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा फिनटेक नेटवर्क बन गया है।

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फ्रांस, जापान, सिंगापुर और यूएई जैसे देशों में यह पहले से ही पर्यटकों और व्यापारियों के लिए उपयोग में है।

अब 192 देशों में UPI का वैश्विक विस्तार भारत की तकनीकी शक्ति को एक नई ऊँचाई देगा।


डिजिटल कूटनीति का नया युग

यह विस्तार भारत की डिजिटल डिप्लोमेसी (Digital Diplomacy) की शक्ति को दर्शाता है।

भारत अब केवल सॉफ्टवेयर नहीं बल्कि वित्तीय सशक्तिकरण के साधन दुनिया को दे रहा है।

UPI का वैश्विक विस्तार भारत को एक ऐसी स्थिति में ला रहा है जहाँ वह डिजिटल अर्थव्यवस्था का निर्माणकर्ता बन रहा है — न केवल अपने लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए।


UPI का वैश्विक विस्तार केवल तकनीकी प्रगति नहीं, बल्कि भारत के आत्मनिर्भर और समावेशी भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह पहल दुनिया को दिखाती है कि भारत अब सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक डिजिटल नवाचार का नेतृत्वकर्ता है।

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