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RBI मौद्रिक नीति: रेपो रेट घटा, GDP बढ़ी, महंगाई घटी – आम जनता और अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी राहत

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अपनी नवीनतम RBI मौद्रिक नीति समीक्षा (Monetary Policy Review) में आम जनता, उद्योग जगत और अर्थव्यवस्था के लिए कई बड़े फैसले किए हैं। सबसे बड़ा फैसला रेपो रेट में कटौती का है, जो सीधे तौर पर होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन को सस्ता बनाने वाला कदम है। यानी EMI कम होगी और आम परिवारों पर आर्थिक बोझ कम पड़ेगा।

RBI मौद्रिक नीति

इसके साथ ही RBI ने वित्त वर्ष 2026 के लिए GDP अनुमान 6.8% से बढ़ाकर 7.3% कर दिया है।

महंगाई का अनुमान भी 2.6% से घटाकर 2% कर दिया गया है।

ये आंकड़े बताते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था आने वाले समय में और अधिक मजबूत और स्थिर हो सकती है।

आइए जानते हैं RBI मौद्रिक नीति समिति (MPC) के 10 बड़े फैसले


1. रेपो रेट में कटौती – लोन होंगे सस्ते

RBI ने रेपो रेट घटाकर बैंकों को संकेत दिया है कि वे ग्राहकों को कम ब्याज दर पर लोन दें।

इससे:

  • होम लोन की EMI घटेगी
  • वाहन और व्यक्तिगत लोन सस्ते होंगे
  • मध्यम वर्ग और युवाओं को राहत मिलेगी

महंगाई घटने के कारण रेट कट की गुंजाइश बनाई गई है।


2. GDP अनुमान बढ़ाया – विकास की मजबूत उम्मीद

RBI ने वित्त वर्ष 2026 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान को 6.8% से बढ़ाकर 7.3% कर दिया है।

यह दर्शाता है कि:

  • अर्थव्यवस्था स्थिर हो रही है
  • निवेश बढ़ रहे हैं
  • उपभोक्ता मांग मजबूत हो रही है

GDP अनुमान बढ़ना भारत की आर्थिक स्थिति पर एक सकारात्मक संदेश देता है।


3. महंगाई अनुमान घटा – 2% पर पहुंचेगा स्तर

RBI ने महंगाई (Inflation) का अनुमान 2.6% से घटाकर 2% कर दिया है।

इसका मतलब है:

  • दैनिक उपयोग की चीजें सस्ती होंगी
  • खाद्य कीमतों में स्थिरता आएगी
  • उपभोक्ता खर्च बढ़ेगा

महंगाई का नियंत्रित रहना किसी भी अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ी राहत है।


4. लिक्विडिटी मैनेजमेंट में सुधार

RBI ने कहा कि बाजार में पर्याप्त नकदी सुनिश्चित की जाएगी ताकि:

  • बैंकों को धन की कमी न हो
  • निवेश और ऋण वितरण बाधित न हो

5. डिजिटल भुगतान को और बढ़ावा

UPI, डिजिटल वॉलेट और ऑनलाइन बैंकिंग के लिए नई नीतियाँ लाते हुए RBI का लक्ष्य डिजिटल अर्थव्यवस्था को और तेजी देना है।


6. NBFCs के लिए कड़े मानक

गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए नई गाइडलाइन्स बनाई गई हैं,

ताकि उपभोक्ताओं की सुरक्षा हो और धोखाधड़ी पर रोक लगे।


7. बैंकिंग सेक्टर में सुधार

RBI ने बैंकों को सलाह दी है कि:

  • NPA कम करें
  • जोखिम प्रबंधन मजबूत करें
  • पारदर्शिता बढ़ाएं

यह आम ग्राहकों के हित में है।


8. MSME सेक्टर को राहत

लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए बैंकों को अधिक ऋण उपलब्ध कराने का निर्देश।

MSME सेक्टर GDP और रोजगार का मुख्य स्तंभ है।


9. आवास क्षेत्र को समर्थन

रेपो रेट कटौती और लिक्विडिटी सुधार आवास क्षेत्र को बढ़ावा देंगे।

नई परियोजनाएं तेज होंगी और नौकरी के अवसर बढ़ेंगे।

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10. उपभोक्ताओं की सुरक्षा पर जोर

RBI ने यह भी स्पष्ट किया है कि ग्राहकों को:

  • पारदर्शी ब्याज दरें,
  • सुरक्षित डिजिटल भुगतान,
  • और शिकायत समाधान प्रणाली

का लाभ मिलना चाहिए।

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