PF Withdrawal 75 Percent Rule: अब PF सिर्फ रिटायरमेंट के लिए नहीं, जरूरत के वक्त भी बनेगा सहारा
नौकरीपेशा लोगों के लिए भविष्य निधि यानी PF अब तक मुख्य रूप से रिटायरमेंट की बचत के रूप में देखा जाता रहा है। लेकिन अब इस सोच में बड़ा बदलाव आने वाला है। PF खाताधारकों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की गई है, जिसके तहत अब वे अपने PF खाते से किसी भी समय 75 प्रतिशत तक राशि निकाल सकेंगे। यह बदलाव PF को केवल भविष्य की बचत तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि इसे कर्मचारियों के लिए आर्थिक संकट के समय एक मजबूत सहारा भी बनाएगा।

कहां हुई इस बड़े बदलाव की घोषणा?
इस अहम फैसले की जानकारी भारत के श्रम एवं रोजगार मंत्री Mansukh Mandaviya ने ABP Network के India@2047 Entrepreneurship Conclave में दी। इस कार्यक्रम में उन्होंने PF प्रणाली से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुधारों पर विस्तार से बात की।
मंत्री ने साफ कहा कि सरकार चाहती है कि कर्मचारी अपने ही पैसे का जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल कर सकें, न कि कर्ज या ऊंचे ब्याज का सहारा लें।
क्या है नया PF Withdrawal 75 Percent Rule?
अब तक PF से पैसा निकालने के लिए:
- रिटायरमेंट
- नौकरी छूटना
- मेडिकल इमरजेंसी
- घर खरीदना या शादी
जैसे खास कारण जरूरी होते थे।
लेकिन PF withdrawal 75 percent rule के तहत:
- खाताधारक किसी भी समय
- बिना लंबी प्रक्रिया के
- अपने PF बैलेंस का 75% तक हिस्सा निकाल सकेंगे
यह नियम PF को ज्यादा लचीला और उपयोगी बना देता है।
सरकार यह बदलाव क्यों कर रही है?
सरकार का मानना है कि आज के दौर में कर्मचारियों को कई तरह की आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है:
- अचानक मेडिकल खर्च
- बच्चों की पढ़ाई
- घर या वाहन की जरूरत
- बिजनेस या स्किल डेवलपमेंट
ऐसे में अगर कर्मचारी अपने ही PF फंड का इस्तेमाल कर सकें, तो उन्हें:
- निजी कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी
- ऊंचे ब्याज से बचाव होगा
- आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ेगी
यही सोच इस बड़े सुधार की वजह बनी है।
क्या PF अब रिटायरमेंट सेविंग नहीं रहेगा?
इस सवाल का जवाब है—नहीं।
सरकार ने साफ किया है कि PF का मूल उद्देश्य अभी भी रिटायरमेंट सुरक्षा ही रहेगा। लेकिन अब इसके साथ-साथ:
- यह इमरजेंसी फंड की तरह भी काम करेगा
- कर्मचारी अपने जीवन के अलग-अलग चरणों में इसका लाभ ले सकेंगे
यानि PF अब लॉन्ग-टर्म सेविंग + शॉर्ट-टर्म सपोर्ट दोनों की भूमिका निभाएगा।
कर्मचारियों को क्या होंगे सीधे फायदे?
इस नए नियम से कर्मचारियों को कई बड़े फायदे मिलेंगे:
1. आर्थिक सुरक्षा
जरूरत के समय तुरंत पैसा उपलब्ध होगा।
2. कर्ज पर निर्भरता कम
बैंक या साहूकार से कर्ज लेने की मजबूरी नहीं रहेगी।
3. मानसिक तनाव में कमी
आपात स्थिति में अपने ही पैसे का सहारा मिलना बड़ा सुकून देगा।
4. PF सिस्टम पर भरोसा बढ़ेगा
कर्मचारी PF को सिर्फ कटौती नहीं, बल्कि सुविधा के रूप में देखेंगे।
क्या इससे रिटायरमेंट पर असर पड़ेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कर्मचारी सोच-समझकर निकासी करें, तो रिटायरमेंट पर नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
सरकार भी इस बात पर जोर दे रही है कि:
- PF निकासी जिम्मेदारी से की जाए
- केवल वास्तविक जरूरत में ही पैसा निकाला जाए
इसलिए जागरूकता और वित्तीय समझ बेहद जरूरी होगी।
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भविष्य में PF सिस्टम में और क्या बदलाव संभव हैं?
मंत्री के बयान से यह संकेत भी मिला है कि आने वाले समय में:
- PF क्लेम प्रक्रिया और सरल होगी
- डिजिटल सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा
- कर्मचारियों को ज्यादा विकल्प दिए जाएंगे
सरकार का लक्ष्य PF को 21वीं सदी की जरूरतों के अनुरूप बनाना है।
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