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Extra Interest Income in AIS: दिख रही है अतिरिक्त ब्याज आय? तुरंत करें Revised Return

अगर आपने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अपना इनकम टैक्स रिटर्न पहले ही फाइल कर दिया है और अब AIS (Annual Information Statement) में अचानक अतिरिक्त ब्याज आय (Extra Interest Income) दिख रही है, तो इसे हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। टैक्स एक्सपर्ट्स साफ चेतावनी दे रहे हैं कि ऐसी स्थिति में 31 दिसंबर 2025 से पहले Revised Return फाइल करना बेहद जरूरी है। कई टैक्सपेयर्स को यह समस्या तब पता चलती है, जब उन्हें इनकम टैक्स पोर्टल पर AIS चेक करने पर बैंक FD, सेविंग अकाउंट या पोस्ट ऑफिस से जुड़ी ब्याज आय ज्यादा दिखाई देती है, जो उनके ITR में शामिल नहीं थी।

Extra interest income in AIS

AIS क्या है और इसमें गड़बड़ी कैसे होती है?

AIS यानी Annual Information Statement एक ऐसा दस्तावेज है, जिसमें आपकी:

  • बैंक ब्याज आय
  • FD/RD पर ब्याज
  • डिविडेंड
  • हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन

जैसी जानकारियां दर्ज होती हैं। यह डेटा Income Tax Department को बैंक और अन्य संस्थाएं उपलब्ध कराती हैं।

समस्या तब होती है जब:

  • एक ही ब्याज को दो बार रिपोर्ट कर दिया जाता है
  • जॉइंट अकाउंट की पूरी ब्याज आय एक व्यक्ति के नाम आ जाती है
  • बैंक की रिपोर्टिंग में देरी या तकनीकी त्रुटि होती है

नतीजा यह कि AIS में Extra Interest Income दिखने लगती है।


Extra interest income in AIS: अगर AIS में ज्यादा ब्याज आय दिखे तो खतरा क्या है?

अगर आपने AIS में दिख रही अतिरिक्त ब्याज आय को नजरअंदाज कर दिया, तो आगे चलकर:

  • टैक्स नोटिस आ सकता है
  • पेनाल्टी और ब्याज लग सकता है
  • आपकी टैक्स प्रोफाइल “High Risk” मानी जा सकती है

यानी एक छोटी-सी लापरवाही बड़ा सिरदर्द बन सकती है।


एक्सपर्ट्स क्या सलाह दे रहे हैं?

टैक्स विशेषज्ञों के अनुसार, टैक्सपेयर्स को दो काम तुरंत करने चाहिए:

1. बैंक से ब्याज आय का मिलान करें

AIS में दिख रही ब्याज आय को अपने:

  • बैंक स्टेटमेंट
  • FD सर्टिफिकेट
  • इंटरेस्ट सर्टिफिकेट

से जरूर मिलाएं। अगर आंकड़े सही हैं और आपने उन्हें ITR में शामिल नहीं किया था, तो Revised Return फाइल करना ही सही रास्ता है।

2. AIS Feedback का इस्तेमाल करें

अगर AIS में दिखाई गई ब्याज आय गलत है, तो पोर्टल पर जाकर AIS Feedback ऑप्शन का इस्तेमाल करें। इसमें आप बता सकते हैं कि:

  • जानकारी गलत है
  • आंशिक रूप से सही है
  • किसी और व्यक्ति से संबंधित है

यह फीडबैक भविष्य में टैक्स नोटिस से बचाने में मदद करता है।


Revised Return कब तक फाइल कर सकते हैं?

वित्त वर्ष 2024-25 के लिए टैक्सपेयर्स 31 दिसंबर 2025 तक Revised Return फाइल कर सकते हैं। यह अंतिम मौका है।

Revised Return का मतलब यह नहीं कि आपने कोई अपराध किया है। यह कानून द्वारा दिया गया सुधार का अवसर है, ताकि आप गलती सुधार सकें।


Revised Return फाइल न करने पर क्या होगा?

अगर अतिरिक्त ब्याज आय सही है और आपने:

  • Revised Return फाइल नहीं किया
  • या AIS फीडबैक नहीं दिया

तो विभाग इसे जानबूझकर छिपाई गई आय मान सकता है। इससे:

  • अतिरिक्त टैक्स
  • ब्याज
  • और जुर्माना

लग सकता है।


किन लोगों को खास सतर्क रहना चाहिए?

  • जिनके पास कई बैंक अकाउंट हैं
  • FD/RD में निवेश करने वाले
  • सीनियर सिटिज़न्स
  • जॉइंट अकाउंट होल्डर्स

इन मामलों में AIS और ITR के बीच अंतर की संभावना ज्यादा रहती है।

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Revised Return फाइल करना क्यों बेहतर विकल्प है?

  • आप स्वेच्छा से गलती सुधारते हैं
  • टैक्स नोटिस का खतरा कम हो जाता है
  • आपकी टैक्स हिस्ट्री साफ रहती है

सरल शब्दों में, यह टैक्सपेयर्स के हित में है।

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