Home / Finance / EPF क्या है और इसके पैसे कैसे निकाले जा सकते हैं? जानें 75% और 25% EPF निकासी नियम विस्तार से

EPF क्या है और इसके पैसे कैसे निकाले जा सकते हैं? जानें 75% और 25% EPF निकासी नियम विस्तार से

किसी भी कर्मचारी के लिए रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होती है। इसी सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) देश में सबसे भरोसेमंद बचत योजना मानी जाती है। EPF में हर महीने कर्मचारी और नियोक्ता (एम्प्लॉयर) दोनों मिलकर कर्मचारी की सैलरी का एक निश्चित प्रतिशत जमा करते हैं। यह राशि नियमित रूप से बढ़ती रहती है और उस पर ब्याज भी मिलता है।

EPF निकासी नियम

रिटायरमेंट के समय यही रकम कर्मचारी के लिए एक मजबूत निधि बन जाती है।


EPF कैसे काम करता है?

EPF कर्मचारी का लंबी अवधि का बचत खाता होता है।

हर महीने:

  • कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी + DA का 12% EPF में जमा करता है
  • नियोक्ता भी कर्मचारी के खाते में योगदान करता है
  • इस रकम पर EPFO द्वारा हर साल ब्याज जोड़ा जाता है

समय के साथ यह बचत लाखों रुपये तक पहुंच जाती है।


कब निकाला जा सकता है EPF का पैसा?

EPF का पूरा पैसा आमतौर पर रिटायरमेंट के समय निकाला जाता है।

लेकिन नौकरी छूटने, कंपनी बंद होने या आर्थिक संकट जैसी स्थितियों में कर्मचारी आंशिक या पूरी निकासी भी कर सकते हैं।

सबसे महत्वपूर्ण नियम है – 75% और 25% EPF निकासी नियम, जिसे हर कर्मचारी को समझना चाहिए।


नौकरी छोड़ने या बेरोजगार होने पर निकासी नियम

यदि कर्मचारी बेरोजगार हो जाता है, तो EPFO विशेष रूप से दो चरणों में निकासी की अनुमति देता है।

1. तत्काल 75% निकासी

नौकरी छोड़ने या बेरोजगार होने के एक महीने बाद कर्मचारी अपने PF खाते से 75% राशि निकाल सकता है।

इस 75% में शामिल होता है:

  • कर्मचारी का योगदान
  • नियोक्ता का योगदान
  • उस पर मिलने वाला ब्याज

यह राशि कर्मचारी की आपात जरूरतों को पूरा करने में मदद करती है।

2. एक साल बाद 25% और निकाल सकते हैं

यदि कर्मचारी को एक वर्ष तक रोजगार नहीं मिलता, तो वह शेष 25% राशि भी निकाल सकता है।

इस तरह पूरा 100% EPF बैलेंस कर्मचारी के खाते में आ सकता है।


क्या पूरी EPF राशि निकाल लेना सही है?

अधिकतर वित्त विशेषज्ञ कहते हैं कि –

  • अगर बहुत ज़रूरी न हो
  • या कोई बड़ी आपात स्थिति न हो

तो EPF को पूरी तरह निकालना वित्तीय रूप से उचित नहीं है।

क्योंकि:

  • EPF पर मिलने वाला ब्याज मार्केट के कई निवेशों से अधिक होता है
  • यह रिटायरमेंट के समय सबसे बड़ा सुरक्षा कवच बनता है
  • एक बार निकालने के बाद इसकी निरंतर कंपाउंडिंग रुक जाती है

इसलिए PF को आपातकालीन स्थिति में ही निकालें।


EPF निकासी ऑनलाइन कैसे करें?

आज PF निकालने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो चुकी है।

कर्मचारी:

  1. UAN पोर्टल में लॉगिन करें
  2. बैंक खाता और KYC अपडेट रखें
  3. “Online Services” में जाएं
  4. “Claim (Form-31, 19, 10C)” चुनें
  5. आवश्यक विवरण भरें

कुछ दिनों में पैसा सीधे बैंक खाते में आ जाता है।

ये भी पढ़ें: AI मेरे पीछे भी है… सुंदर पिचाई का स्वीकार! अगले 12 महीनों में बड़े बदलाव


EPF कर्मचारियों के लिए क्यों जरूरी है?

1. जीवनभर की बचत

EPF एक अनिवार्य बचत है जो कर्मचारी भविष्‍य के लिए जमा करता है।

2. सुरक्षित निवेश

सरकार द्वारा संचालित होने के कारण EPF पूरी तरह सुरक्षित है।

3. टैक्स में छूट

कर्मचारी को धारा 80C के तहत टैक्स लाभ मिलता है।

4. आपात स्थिति में सहारा

75% EPF निकासी नियम बेरोजगारी की स्थिति में मजबूत आर्थिक सहारा देता है।

khaberbox.com पर पढ़ें ताजा समाचार (हिंदी समाचार), मनोरंजन, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म, शिक्षा, बाज़ार और प्रौद्योगिकी से जुड़ी हर खबर। समय पर अपडेट या हिंदी ब्रेकिंग न्यूज के लिए खबर बॉक्स चुनें। अपने समाचार अनुभव को और बेहतर बनाएं।