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500 Rupee Note Discontinue Rumor: क्या मार्च 2026 से एटीएम में मिलना बंद हो जाएगा 500 का नोट?

देश में नोटों से जुड़ी अफवाहें नई बात नहीं हैं। जैसे ही किसी नोट को लेकर कोई दावा वायरल होता है, लोगों में चिंता और बेचैनी बढ़ जाती है। इस बार चर्चा का केंद्र है 500 रुपये का नोट। सोशल मीडिया पर कई पोस्ट वायरल हो रहे हैं जिनमें दावा किया जा रहा है कि मार्च 2026 के बाद एटीएम से 500 रुपये के नोट नहीं निकलेंगे, और सरकार इस नोट को बंद करने की तैयारी कर रही है। दावे इतने ज्यादा फैल गए हैं कि लोगों ने इसे दूसरी बार ‘नोटबंदी’ की शुरुआत मानना शुरू कर दिया है।

500 Rupee Note Discontinue Rumor

500 Rupee Note Discontinue Rumor: अफवाह क्यों फैली? पृष्ठभूमि समझिए

2016 की नोटबंदी का अनुभव आज भी ताज़ा है।
8 नवंबर 2016 को जब केंद्र सरकार ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को प्रतिबंधित करने की घोषणा की, तो पूरा देश बैंकों और एटीएम के बाहर लंबी कतारों में नजर आया।
नई मुद्रा व्यवस्था में 500 रुपये का नोट फिर से जारी किया गया और आज यह लेनदेन का सबसे लोकप्रिय और उपयोगी नोट बन चुका है।

इसी पृष्ठभूमि के कारण जब सोशल मीडिया पर किसी नोट को बंद करने का दावा चलता है, तो लोग उसे गंभीरता से लेने लगते हैं।
पिछले हफ्तों में कुछ व्हाट्सएप फॉरवर्ड और सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया:

  • 500 रुपये का नोट मार्च 2026 के बाद बंद होगा
  • एटीएम से 500 रुपये के नोट निकलना बंद हो जाएगा
  • सरकार नए नोट लाएगी
  • यह ‘क्लीन नोट पॉलिसी’ का हिस्सा है

कई लोगों ने इसे मुद्रास्फीति नियंत्रित करने या डिजिटल भुगतान को आगे बढ़ाने से भी जोड़ दिया।


सच क्या है? क्या सरकार ने ऐसा कोई ऐलान किया है?

अब बात तथ्य की।
अब तक केंद्र सरकार, वित्त मंत्रालय, आरबीआई या किसी भी आधिकारिक एजेंसी ने 500 रुपये का नोट बंद करने, उसे अप्रचलित घोषित करने या एटीएम में उसकी आपूर्ति बंद करने को लेकर कोई घोषणा नहीं की है।
इसका मतलब है कि यह दावा पूरी तरह अफवाह है।

आरबीआई समय-समय पर नोटों की ‘क्लीन नोट पॉलिसी’ के तहत पुराने और खराब हुए नोटों को वापस लेता है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं होता कि उस नोट को राष्ट्रव्यापी स्तर पर बंद किया जा रहा है।


500 Rupee Note Discontinue Rumor: अफवाह का स्रोत क्या है?

अफवाह की शुरुआत कई कारणों से होती दिख रही है:

1. 2000 के नोट वापस लेने की प्रक्रिया

2023 में आरबीआई ने 2000 रुपये के नोटों को चलन से वापस लेने का निर्णय लिया।
इस घटना के बाद कई लोगों को लगा कि अगला लक्ष्य 500 का नोट हो सकता है।

2. डिजिटल भुगतान का विस्तार

UPI और कार्ड पेमेंट की लोकप्रियता बढ़ने से यह चर्चा भी बढ़ी कि सरकार नकदी लेनदेन कम करना चाहती है।

3. फॉरवर्ड मैसेज और सोशल मीडिया

फर्जी न्यूज का बड़ा हिस्सा इसी स्रोत से आता है।
व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी ने फिर वही काम किया – बिना तथ्य जांच के दावे वायरल।


क्या 500 रुपये का नोट बंद करना तर्कसंगत होगा?

आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, 500 रुपये का नोट भारतीय अर्थव्यवस्था में प्रमुख भूमिका निभाता है:

  • खुदरा व्यापार में मुख्य नोट
  • नकद वेतन भुगतान का हिस्सा
  • एटीएम ‘लोडिंग पैटर्न’ का बेसिक यूनिट
  • कैश-टू-डिजिटल ट्रांजिशन में मध्य भूमिका

अगर यह नोट बंद किया जाता है तो:

  • 100 रुपये और 200 रुपये की कमी बढ़ेगी
  • नकद भुगतान की गति धीमी होगी
  • एटीएम नेटवर्क पर दबाव बढ़ेगा
  • ट्रांजेक्शन कॉस्ट बढ़ सकती है

इसलिए आर्थिक दृष्टि से इसका कोई तात्कालिक लाभ नहीं दिखता।


क्या यह नोटबंदी जैसा कदम होगा?

2016 की नोटबंदी एक अचानक घोषित कदम था।
उसका उद्देश्य – काले धन पर प्रहार, फेक करंसी रोकना और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना – बताया गया था।
2026 में ऐसा ही दोहराया जाना असंभव नहीं है, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई संकेत सरकार ने नहीं दिया है।

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ATM क्यों चर्चा में हैं?

एटीएम में नोटों की आपूर्ति रणनीति अलग से तय होती है।
प्रबंधन के लिए 500 रुपये का नोट सबसे उपयुक्त मूल्यवर्ग है क्योंकि:

  • कम जगह में ज्यादा वैल्यू
  • तेजी से निकासी
  • मशीन रिफिलिंग में सुविधा

इसी कारण एटीएम में 100 या 200 रुपये की तुलना में 500 रुपये को प्राथमिकता दी जाती है।

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