मोबाइल यूज़र्स ध्यान दें! सिर्फ दो अक्षर बदलकर हो रही है ठगी—m की जगह rn, पहचान में नहीं आता फर्क
आज के समय में मोबाइल ही बैंक, वॉलेट, ईमेल, पहचान और निजी जानकारी सब कुछ का केंद्र बन चुका है। यही वजह है कि ठग भी अब बेहद स्मार्ट तरीके से साइबर फ्रॉड करने लगे हैं। सबसे खतरनाक बात यह है कि अब ठगी सिर्फ एक छोटी-सी ट्रिक से हो रही है – m की जगह rn लिखकर।

पहली नज़र में यह फर्क पहचान में ही नहीं आता और लोग ठगों के जाल में फंस जाते हैं।
क्या है rn की जगह m वाली ठगी? समझें आसान भाषा में
इस नई साइबर धोखाधड़ी में ठग असली वेबसाइट के नाम में m अक्षर को दो अक्षरों—r और n—से बदल देते हैं।
क्योंकि:
- m और rn दूर से देखने में बिल्कुल एक जैसे लगते हैं
- मोबाइल स्क्रीन पर फॉन्ट छोटा होता है
- जल्दी-जल्दी में लोग ध्यान नहीं देते
और यहीं पर ठगी का खेल चालू हो जाता है।
उदाहरण:
- असली वेबसाइट: mobilebank.com
- फर्जी वेबसाइट: rnoilebank.com
(यहाँ m की जगह rn है)
अधिकतर लोगों को यह फर्क पता ही नहीं चलता और वे फर्जी लिंक पर क्लिक कर देते हैं।
ठग कैसे करते हैं यह धोखाधड़ी?
यह ठगी कई चरणों में की जाती ह –
1. नकली लिंक भेजा जाता है
ठग SMS, WhatsApp, Telegram, Instagram या ईमेल के जरिए
ऐसे लिंक भेजते हैं जो असली वेबसाइट जैसा दिखता है।
2. फर्जी वेबसाइट असली की हूबहू कॉपी
ठग ऐसी वेबसाइट बनाते हैं जो असली बैंक या कंपनी जैसी दिखे।
लोग बिना शक किए:
- अपनी लॉगिन आईडी
- पासवर्ड
- OTP
- बैंक जानकारी
दर्ज कर देते हैं।
3. जानकारी चोरी कर ली जाती है
जैसे ही व्यक्ति जानकारी दर्ज करता है, वह सीधे ठगों के सर्वर पर चली जाती है।
4. बैंक खाता मिनटों में खाली
फिर ठग:
- डिजिटल वॉलेट खाली
- नेट बैंकिंग से ट्रांसफर
- UPI सेटिंग बदलना
- अकाउंट हैक
सब कुछ कर लेते हैं।
कौन लोग सबसे ज्यादा शिकार बन रहे हैं?
- मोबाइल पर बैंकिंग करने वाले
- बुजुर्ग
- नए इंटरनेट यूज़र्स
- जल्दबाज़ी में लिंक खोलने वाले
- डिस्काउंट, ऑफर या KYC अपडेट के चक्कर में आने वाले लोग
सभी इस scam के लिए अत्यधिक संवेदनशील हैं।
किस प्रकार के संदेश सबसे ज्यादा भेजे जा रहे हैं?
अक्सर ठग इन बहानों से लिंक भेजते हैं:
- आपका बैंक KYC खत्म हो गया
- आपका ATM ब्लॉक होने वाला है
- आपके खाते में संदिग्ध गतिविधि
- बिजली बिल का भुगतान बाकी
- मोबाइल का रिचार्ज बंद हो जाएगा
- फास्टैग वेरिफिकेशन जरूरी
- कुरियर डिलीवरी लंबित
इन संदेशों में लिंक असली जैसा लगता है, लेकिन उसमें m की जगह rn होता है।
कैसे बचें इस ‘rn vs m’ वाली ठगी से?
1. लिंक को हमेशा ध्यान से पढ़ें
m और rn का अंतर देखना सीखें। अगर शक हो तो लिंक न खोलें।
2. बैंक की वेबसाइट हमेशा Google पर खुद खोजकर खोलें
SMS या WhatsApp से आए लिंक पर कभी भरोसा न करें।
3. OTP और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें
ठग अक्सर “कस्टमर केयर” बनकर बात करते हैं।
4. मोबाइल में एंटीवायरस और सिक्योर ब्राउज़र रखें
यह फर्जी वेबसाइटों को पहचान लेता है।
5. बैंक से सीधे बात करें
किसी भी संदिग्ध संदेश या कॉल पर बैंक के असली हेल्पलाइन नंबर पर बात करें।
6. KYC अपडेट कभी लिंक से न करें
यह ठगी का सबसे आम तरीका है।
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क्यों खतरनाक है यह Scam?
- पहचानना मुश्किल
- तकनीकी रूप से चालाक
- मोबाइल यूज़र रोज शिकार
- बैंकिंग और डिजिटल लेनदेन पर खतरा
- निजी डेटा चोरी होना
यह डिजिटल ठगी का नया और सबसे “चुपचाप हमला करने वाला” तरीका है।
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