Home / Crime / सूडान नरसंहार 2025: ऊंटों पर सवार RSF लड़ाकों ने 200 नागरिकों की हत्या की

सूडान नरसंहार 2025: ऊंटों पर सवार RSF लड़ाकों ने 200 नागरिकों की हत्या की

युद्धग्रस्त सूडान से एक भयावह रिपोर्ट सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि रैपिड सपोर्ट फोर्सेस (RSF) के लड़ाकों ने, जिनमें से कई ऊंटों पर सवार थे, एल फशर शहर के पास सैकड़ों नागरिकों को घेरकर मौत के घाट उतार दिया।

सूडान नरसंहार 2025

यह सूडान नरसंहार 2025 देश के चल रहे गृहयुद्ध में अब तक की सबसे भीषण घटनाओं में से एक मानी जा रही है, जिसने पूरे विश्व को झकझोर दिया है।


एल फशर में दहशत: ऊंट, चीखें और खूनी मंजर

जिस रात RSF ने एल फशर (उत्तर दारफुर का अंतिम सरकारी गढ़) पर कब्जा किया,

गवाहों ने बताया कि कैसे हथियारबंद लड़ाके — ऊंटों और पिकअप ट्रकों पर सवार होकर

— शहर की गलियों में दाखिल हुए और गैर-अरब निवासियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए और अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा सत्यापित वीडियो में लड़ाकों को नस्लीय अपशब्द कहते, लोगों को रेगिस्तान की ओर हांकते और पास से गोलियां मारते देखा गया।

  • स्थानीय सूत्रों और मानवीय एजेंसियों का अनुमान है कि लगभग 200 लोग इस हमले में मारे गए
  • एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “वे ऊंटों पर आए, जिसे भी देखा उसे घेर लिया — कुछ को गोली मारी गई, कुछ को चाकू से वार किया गया, और कई लोग लापता हो गए।”
  • रातभर चीख-पुकार और भगदड़ मची रही क्योंकि परिवार अपनी जान बचाने के लिए भागते रहे।

जातीय तनाव और संगठित हिंसा

  • रिपोर्ट्स के अनुसार, RSF के हमले जातीय आधार पर किए जा रहे हैं।
  • इनका निशाना वे गैर-अरब समुदाय हैं जिनका लंबे समय से RSF से जुड़े जनजातीय गुटों के साथ संघर्ष रहा है।
  • बचे हुए लोगों ने बताया कि घर-घर जाकर तलाशी ली जा रही थी, भागते हुए लोगों को गोली मारी जा रही थी, और सार्वजनिक स्थलों पर सामूहिक हत्याएं की जा रही थीं।

मानवाधिकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि यह हिंसा 2000 के दशक की दारफुर जनसंहार जैसी है

और इसे मानवता के खिलाफ अपराध या जातीय सफाया माना जा सकता है।

उपग्रह चित्रों, सत्यापित वीडियोज़ और मानवीय मॉनिटरिंग से यह पुष्टि हुई है

कि शहर की परिधि पर शवों के समूह मिले हैं और मोबाइल फोन में RSF लड़ाकों द्वारा किए गए फांसी जैसे दृश्य कैद हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल और संयुक्त राष्ट्र (UN) ने इस नरसंहार की कड़ी निंदा की है और अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है।


मानवीय संकट और वैश्विक आक्रोश

  • इस सूडान नरसंहार 2025 के बाद हजारों लोग विस्थापित हो गए हैं।
  • 30,000 से अधिक लोग एल फशर से निकलकर टविला और टाइन जैसे कस्बों की ओर भागे, कई लोग बिना भोजन और पानी के रेगिस्तान से गुजरे।
  • स्थानीय अस्पतालों और राहत एजेंसियों में घायलों, लापता लोगों और मानसिक रूप से आहत बचे हुए लोगों की भीड़ लगी हुई है।

ये भी पढ़ें: ब्रिटेन ट्रेन चाकूबाजी हमला: चलती ट्रेन में हुआ दर्दनाक हादसा


जवाबदेही की मांग और वैश्विक प्रतिक्रिया

अंतरराष्ट्रीय निंदा के बाद RSF नेतृत्व ने कथित रूप से कुछ लड़ाकों को गिरफ्तार किया है,

लेकिन मानवाधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि सूडान में दोषियों को सजा मिलना अब भी मुश्किल है।

संयुक्त राष्ट्र और अफ्रीकी संघ ने हिंसा पर रोक लगाने और अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने की अपील।

एल फशर में हुआ यह ताजा सूडान नरसंहार 2025 देश के संघर्ष में एक और काला अध्याय जोड़ता है

— जो न केवल मानवीय त्रासदी है, बल्कि न्याय और जवाबदेही के लिए वैश्विक मांग को और तीव्र कर रहा है।

khaberbox.com पर पढ़ें ताजा समाचार (हिंदी समाचार), मनोरंजन, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म, शिक्षा, बाज़ार और प्रौद्योगिकी से जुड़ी हर खबर। समय पर अपडेट या हिंदी ब्रेकिंग न्यूज के लिए खबर बॉक्स चुनें। अपने समाचार अनुभव को और बेहतर बनाएं।