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सोनभद्र माइन हादसा: यूपी में बड़ा खदान धंसाव, कई मजदूर दबे

शनिवार को उत्तर प्रदेश के सोनभद्र माइन हादसा ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया, जब बिल्ली मरकुंडी गांव स्थित कृष्णा माइंस में एक बड़ा पत्थर खदान धंस गया। हादसा दोपहर करीब 3 बजे हुआ और कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए।

सोनभद्र माइन हादसा

खदान की दीवार टूटने से अचानक हुआ भूस्खलन

जिला अधिकारी बी. एन. सिंह के अनुसार, खदान के भीतर मौजूद एक बड़ी दीवार अचानक गिर गई, जिससे तेज भूस्खलन हुआ। इस दौरान वहाँ काम कर रहे मजदूरों के पास बचने का समय नहीं था।

शुरुआती सूचना के अनुसार, एक मजदूर की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 15 मजदूरों के फंसे होने की आशंका है।


NDRF और SDRF की टीमें पहुंचीं, भारी मशीनरी से राहत कार्य जारी

मलबा हटाने के लिए बड़ी संख्या में मशीनरी तैनात की गई है, जिनमें एक्सावेटर और अर्थ मूवर शामिल हैं।

मिर्जापुर से NDRF और SDRF की टीमें भी मौके पर पहुंच चुकी हैं।

फायर ब्रिगेड, पुलिस और मेडिकल टीमें रातभर रेस्क्यू में जुटी रहीं।

अस्थिर जमीन के कारण राहत कार्य बेहद मुश्किल हो रहा है।


तकनीक का उपयोग: थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड-डिटेक्शन से तलाश

वर्तमान परिस्थितियाँ बेहद चुनौतीपूर्ण हैं क्योंकि जमीन दोबारा धंसने का खतरा बना हुआ है।
बचाव दल थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड-पेनीट्रेटिंग रडार तकनीक का उपयोग कर रहा है ताकि मलबे के नीचे दबे मजदूरों का पता लगाया जा सके।

घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है।


मंत्री संजीव सिंह गोंड का दौरा, मुआवज़े और कार्रवाई का आश्वासन

उत्तर प्रदेश के सामाजिक कल्याण राज्य मंत्री संजील सिंह गोंड ने मौके पर जाकर स्थिति का जायज़ा लिया।
उन्होंने इस घटना को “बेहद दुखद और पीड़ादायक” बताया।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि—
“यह हादसा सुरक्षा मानकों में गंभीर चूक को दर्शाता है। सरकार के आदेशों के बावजूद खनन कार्य जारी था। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”


ग्रामीणों का दर्द: हमने अपने परिवार खो दिए

स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश और दुख देखने को मिला।

अधिकतर मजदूर अपने परिवारों के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे।

एक ग्रामीण ने भावुक होकर कहा—
“हमने अपने भाई, पिता, बेटे खो दिए। यह हादसा कभी नहीं होना चाहिए था।”


सोनभद्र में पहले भी हो चुके हैं खनन हादसे

सोनभद्र जिला खनिज संपदा के लिए जाना जाता है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था हमेशा सवालों के घेरे में रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार:

  • निगरानी की कमी
  • नियमों की अनदेखी
  • खराब कार्य स्थितियाँ

ऐसी दुर्घटनाओं की मुख्य वजहें हैं।


जांच शुरू: सुरक्षा नियमों और तकनीकी चूक की होगी पड़ताल

सरकार ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।

जांच दल खनन कानूनों के पालन, तकनीकी खराबियों और पर्यावरणीय कारकों की विस्तृत समीक्षा करेगा, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएँ रोकी जा सकें।

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सोनभद्र माइन हादसा: सुरक्षा मानकों की तत्काल जरूरत

यह सोनभद्र माइन हादसा एक बार फिर यह चेतावनी देता है कि खनन कार्यों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन बेहद जरूरी है।

मजदूरों की जान बचाने के लिए:

  • बेहतर प्रशिक्षण
  • मजबूत सुरक्षा व्यवस्था
  • सतत और सुरक्षित खनन तकनीक

को प्राथमिकता देना आवश्यक है।

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