10 रुपये के बिस्किट से फेमस हुए शादाब जकाती गिरफ्तार – अश्लील वीडियो बनाने का आरोप, रातोंरात शोहरत के ढहने की कड़वी हकीकत
सोशल मीडिया की दुनिया में किसी भी वीडियो को वायरल होने में सिर्फ कुछ सेकंड लगते हैं। और कई बार एक छोटी-सी क्लिप लोगों को रातोंरात स्टार बना देती है। लेकिन यह शोहरत जितनी तेज मिलती है, उतनी ही तेजी से खो भी जाती है – यह बात शादाब जकाती के मामले ने एक बार फिर साबित कर दी है।

10 रुपये के बिस्किट खाते हुए उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद शादाब एक छोटे इन्फ्लुएंसर बन गए।
उन्हें लोग मज़ाकिया अंदाज़ में “10 रुपये बिस्किट वाला लड़का” कहकर पहचानने लगे थे।
लेकिन अब वही शादाब जकाती एक गंभीर आरोप में गिरफ्तार हुए हैं – अश्लील वीडियो बनाने और फैलाने के आरोप में।
कौन हैं शादाब जकाती?
शादाब जकाती उन युवाओं में से हैं जिन्हें सोशल मीडिया ने अचानक पहचान दी।
उनका एक सामान्य-सा वीडियो, जिसमें वह 10 रुपये का बिस्किट खाते दिखे, लाखों लोगों ने देखा।
यह वायरल क्लिप उन्हें लाइक्स, फॉलोवर्स और पहचान दिलाने में काफी मददगार साबित हुई।
लेकिन यह प्रसिद्धि एक स्थायी करियर में नहीं बदल पाई और बाद में वे सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाने के दबाव के बीच फंसते चले गए।
अश्लील वीडियो बनाने का आरोप – गिरफ्तारी ने मचाई हलचल
पुलिस के अनुसार, शादाब पर आरोप है कि उन्होंने अश्लील वीडियो बनाए और उन्हें सोशल मीडिया व मैसेजिंग ऐप्स पर फैलाया।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच की और सबूतों के आधार पर उन्हें गिरफ्त में ले लिया।
अश्लील सामग्री से जुड़े मामले आईटी एक्ट और कई अन्य धाराओं के तहत गंभीर माने जाते हैं,
इसलिए उनकी गिरफ्तारी सोशल मीडिया पर भी बहस का मुद्दा बन गई है।
रातोंरात मिली प्रसिद्धि – और अचानक ढहता करियर
यह पहली बार नहीं है जब किसी सोशल मीडिया स्टार का करियर किसी विवाद में फंसकर खत्म हो गया हो।
सोशल मीडिया:
- जल्द फेम देता है
- लेकिन स्थिरता नहीं देता
- लाइक्स और व्यूज़ की दुनिया अस्थायी होती है
- लोग जल्दी उठते हैं और जल्दी गिर जाते हैं
शादाब जकाती का मामला युवा पीढ़ी के लिए एक सीधी चेतावनी है कि सिर्फ वायरल होने पर निर्भर रहना जीवन का स्थायी रास्ता नहीं होता।
क्या कहती है पुलिस?
पुलिस का कहना है –
- शिकायत में अश्लील वीडियो बनाने का आरोप था
- तकनीकी प्रमाण मिले
- वीडियो उनके मोबाइल और क्लाउड में पाए गए
- कई लोगों को वीडियो भेजने के सबूत भी मिले
सोशल मीडिया यूज़र्स का रिएक्शन
सोशल मीडिया पर इस खबर के बाद लोग दो हिस्सों में बंट गए।
1. कुछ लोग कहते हैं-फेम का गलत इस्तेमाल
उनका मानना है कि शादाब वायरल होने के बाद भटके और गलत दिशा में चले गए।
2. कुछ लोग कहते हैं-सोशल मीडिया प्रेशर का परिणाम
वे कहते हैं कि पहचान बनाए रखने का दबाव कई युवाओं को गलत रास्ते पर ले जाता है।
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यह घटना हमें क्या सिखाती है?
1. सोशल मीडिया सफलता अस्थायी होती है
वायरल कंटेंट हमेशा दीर्घकालिक भविष्य नहीं बनाता।
2. गलत काम का परिणाम निश्चित होता है
चाहे फेम हो या पैसा, गलत गतिविधियों से बचना जरूरी है।
3. युवाओं के लिए एक सीख
कंटेंट बनाना ठीक है, लेकिन कानून और नैतिकता का पालन करना सबसे ज़रूरी है।
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