डॉक्टर शाहीन सिद्दीकी आतंकी नेटवर्क की महिला सरगना के रूप में गिरफ्तार
देश को हिला देने वाला खुलासा — पूर्व मेडिकल प्रशिक्षक डॉक्टर शाहीन सिद्दीकी आतंकी नेटवर्क की महिला सरगना निकलीं। अधिकारियों ने उनकी कार से हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं, जिससे यह साफ होता है कि वह एक व्हाइट-कॉलर टेरर नेटवर्क (White Collar Terror Network) की मुख्य संचालक थीं।

यह सनसनीखेज मामला अब देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है,
क्योंकि एक शिक्षित महिला डॉक्टर के इस स्तर पर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने ने सबको चौंका दिया है।
जैश आतंकी बताई जा रही लखनऊ की महिला Dr शाहीन को नहीं जानते उसके ही 2 बच्चे। शाहीन के पूर्व पति ने बच्चों को उनकी मां के बारे में कोई जानकारी ही नहीं दी है.
डॉ. शाहीन सिद्दीकी: शिक्षक से आतंक की दुनिया तक
डॉक्टर शाहीन सिद्दीकी आतंकी नेटवर्क की कहानी की शुरुआत कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से होती है,
जहां वह असिस्टेंट प्रोफेसर थीं।
वर्ष 2013 में अचानक लापता होने के बाद उन्हें 2021 में कॉलेज से बर्खास्त कर दिया गया।
अब जांच एजेंसियों ने उन्हें जमात-उल-मोमिनीन (Jamaat-ul-Momineen) नामक संगठन से जोड़ा है,
जो जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का महिला विंग है।
यह संगठन पाकिस्तान में मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर के नेतृत्व में संचालित होता है।
जांच में सामने आया है कि शाहीन सिद्दीकी का काम भारत में महिलाओं की भर्ती, उनका ब्रेनवॉश करना और गुप्त रूप से आतंकी गतिविधियों की योजना बनाना था।
इसके लिए वह एन्क्रिप्टेड चैनलों के माध्यम से पाकिस्तानी संपर्कों से संवाद करती थीं।
हथियार बरामदगी ने खोला आतंकी नेटवर्क का सच
- उनकी कार से बरामद पिस्टल और जिंदा कारतूस ने उनकी भूमिका को और भी गंभीर बना दिया है।
- यह वही कार थी जिसे वह अक्सर अपने साथी संदिग्ध डॉ. मोजम्मिल अहमद गनई के साथ साझा करती थीं।
एजेंसियों का मानना है कि वह लॉजिस्टिक सपोर्ट (Logistic Support) का हिस्सा थीं —
यानी देशभर में हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी में मदद करती थीं।
परिवार पर भी जांच का शिकंजा
- जांच अब उनके परिवार तक पहुंच चुकी है।
- उनके भाई डॉ. परवेज़ अंसारी को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
- एटीएस (ATS) ने उनके लखनऊ स्थित घर पर छापेमारी कर मोबाइल, हार्ड डिस्क और कई दस्तावेज़ जब्त किए हैं।
शिक्षा जगत से आतंकवाद तक: समाज के लिए चेतावनी
- एक सम्मानित शिक्षक से आतंकी बनने तक का यह सफर समाज के लिए चेतावनी है।
- शाहीन सिद्दीकी के सहकर्मी बताते हैं कि वह एक शांत, अनुशासित और शिक्षित महिला थीं।
- इसलिए उनका आतंकी नेटवर्क से जुड़ना सभी को स्तब्ध कर गया है।
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उत्तर प्रदेश एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस अब मिलकर इस पूरे नेटवर्क को खत्म करने में जुटी है।
यह मामला इस बात का प्रमाण है कि अब आतंकी संगठन उच्च शिक्षित वर्गों और पेशेवरों को निशाना बनाकर उन्हें अपने मकसद के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती
- डॉक्टर शाहीन सिद्दीकी आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता है।
- यह केस दिखाता है कि आतंक अब सिर्फ सीमा पार से नहीं,
- बल्कि अंदर से भी “बौद्धिक आतंकवाद” (Intellectual Terrorism) के रूप में फैल रहा है।
जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने और देश के भीतर किसी भी नई साजिश को रोकने में जुटी हैं।
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