दिल्ली ब्लास्ट: शक्तिशाली धमाके में 10 की मौत, NIA ने कई राज्यों में की बड़ी जांच और छापेमारी
दिल्ली ब्लास्ट ने इस हफ्ते पूरे देश को हिला कर रख दिया।
राजधानी दिल्ली के बीचोंबीच हुए इस भयंकर धमाके में 10 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हुए।
धमाका इतना जोरदार था कि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक शव पेड़ की शाखा पर लटक गया।

देशभर में दहशत फैल गई और केंद्र सरकार ने तुरंत मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी।
वर्तमान में एजेंसी ने कश्मीर, फरीदाबाद और लखनऊ में बड़े पैमाने पर छापेमार कार्रवाई शुरू कर दी है।
धमाके की घटना और तत्काल प्रतिक्रिया
- यह विस्फोट दिल्ली के एक व्यस्त मेट्रो स्टेशन के पास हुआ, जिससे आसपास का इलाका दहल उठा।
- रेस्क्यू टीमों ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुँचाया।
- फॉरेंसिक टीमों ने मौके से उच्च श्रेणी के विस्फोटक (IED) के टुकड़े, मलबा और व्यक्तिगत सामान जब्त किए।
- धमाके ने आसपास की इमारतों और वाहनों को तहस-नहस कर दिया।
- पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया और पुलिस ने संदिग्धों की तलाश में विशेष सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
NIA की जांच और बड़े पैमाने पर छापेमारी
- हमले की गंभीरता और संभावित आतंकी संबंधों को देखते हुए, जांच का जिम्मा तुरंत NIA को सौंपा गया।
कुछ ही घंटों में एजेंसी की विशेष टीमें कश्मीर, फरीदाबाद और लखनऊ में छापेमारी पर निकल पड़ीं। - फरीदाबाद में छापे के दौरान 2,900 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट और बम बनाने का उपकरण बरामद हुआ।
इनसे पता चलता है कि यह हमला संगठित और महीनों से योजनाबद्ध साजिश का हिस्सा था। - सूत्रों के अनुसार, इस नेटवर्क में उच्च शिक्षित लोग, डॉक्टर और प्रोफेशनल्स शामिल थे।
उन्होंने एन्क्रिप्टेड चैट्स और अकादमिक नेटवर्क का इस्तेमाल कर फंडिंग, प्लानिंग और विस्फोटकों की ढुलाई की।
संदिग्धों की गिरफ्तारी और पूछताछ
NIA ने दो संदिग्ध डॉक्टरों — डॉ. साजिद अहमद माला और डॉ. उमर-उन-नबी — को हिरासत में लिया है।
पूछताछ में सामने आया कि उनका संबंध जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद जैसे प्रतिबंधित संगठनों से है।
इस नेटवर्क ने विदेशी फंडिंग, गुप्त चैनलों से हथियारों की खरीद, और डिजिटल दस्तावेज़ों के माध्यम से योजनाओं को छिपाने का काम किया।
NIA अब क्रॉस-बॉर्डर कनेक्शनों और विदेशी मास्टरमाइंड की भूमिका की भी जांच कर रही है।
जनता में भय, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की सख्त कार्रवाई
इस दिल्ली ब्लास्ट ने देशभर में भय और आक्रोश पैदा किया है।
राजनीतिक नेताओं, नागरिक संगठनों और विशेषज्ञों ने घटना की निंदा करते हुए पीड़ितों के परिवारों के लिए न्याय की मांग की है।
पूर्व पुलिस अधिकारियों ने चेताया कि अब आतंकी संगठन शिक्षित पेशेवरों को निशाना बना रहे हैं, जिससे व्हाइट कॉलर टेररिज्म एक नई चुनौती बनकर उभर रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों ने दोहराया कि भारत की नीति ज़ीरो टॉलरेंस पर आधारित है और आतंक के हर नेटवर्क को तोड़ा जाएगा।
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देश सतर्क, जांच जारी
दिल्ली ब्लास्ट की जांच तेज़ी से आगे बढ़ रही है।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, देश के नागरिक एकजुट होकर सतर्कता, एकता और न्याय की मांग कर रहे हैं।
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