दिल्ली ब्लास्ट मास्टरमाइंड: डॉ. मुज़फ्फ़र राथर अफगानिस्तान में छिपा — जांच में चौंकाने वाला खुलासा
दिल्ली के रेड फोर्ट ब्लास्ट मामले में बड़ी प्रगति हुई है। जांच एजेंसियों ने उस व्यक्ति की पहचान कर ली है जिसे इस हमले का मुख्य दिमाग माना जा रहा है। यह व्यक्ति है — डॉ. मुज़फ्फ़र अहमद राथर, जिसे अब दिल्ली ब्लास्ट मास्टरमाइंड कहा जा रहा है।

यह खुलासा भारत में सक्रिय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े आतंक नेटवर्क की गंभीरता को उजागर करता है।
अफगानिस्तान से ऑपरेट कर रहा है मास्टरमाइंड
डॉ. मुज़फ्फ़र राथर मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का बाल रोग विशेषज्ञ है, जो महीनों पहले देश छोड़कर फरार हो गया। जांच एजेंसियों के अनुसार वह इस समय अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में छिपा है — एक ऐसा इलाका जहां कई आतंकी संगठनों की मौजूदगी है।
वह वहीं से:
- एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन
- फंडिंग
- ट्रेनिंग
- ऑपरेशनल लॉजिस्टिक्स
सब कुछ संचालित कर रहा था।
भाई और साथी डॉक्टरों के साथ बनाया ‘व्हाइट-कॉलर मॉड्यूल’
यह मॉड्यूल खास इसलिए था कि इसके सदस्य डॉक्टर, शिक्षित पेशेवर और बाहरी देशों से जुड़े लोग थे। इनका नेटवर्क कई राज्यों में फैला था।
- डॉ. मुज़फ्फ़र राथर
- उसका भाई डॉ. अदील राथर
- डॉ. मोज़म्मिल शकील
- उमर उन नबी
ये सभी मिलकर रेड फोर्ट विस्फोट जैसी आतंकी साजिशें रच रहे थे।
यह मॉड्यूल अपने पेशेवर पहचान का दुरुपयोग कर भर्ती, कट्टरपंथ और फंडिंग करता था। इनसे बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट, पोटैशियम नाइट्रेट, कारतूस और हथियार बरामद किए गए।
इस्तांबुल में हुई थी बड़ी आतंकी मीटिंग
जांच से पता चला कि 2022 में डॉ. मुज़फ्फ़र राथर अपने दो साथियों के साथ इस्तांबुल भी गया था, जहां उसने विदेशी हैंडलर्स से मुलाकात कर बड़ी आतंकी घटनाओं की योजना बनाई। रेड फोर्ट धमाका भी इसी साजिश का हिस्सा था।
रेड फोर्ट ब्लास्ट की भयावहता
10 नवंबर को हुए इस विस्फोट में:
- 12 लोगों की मौत
- 20 से अधिक घायल
हो गए। यह घटना देशभर को झकझोर देने वाली थी। माना जा रहा है कि प्रमुख साथियों की गिरफ्तारी के बाद उमर ने जल्दबाज़ी में हमला किया।
भारत के लिए बड़ी चुनौती
दिल्ली ब्लास्ट मास्टरमाइंड का अफगानिस्तान में छिपा होना सुरक्षा एजेंसियों के सामने बड़ी बाधा है, क्योंकि वह वहां से:
- निर्देश जारी कर सकता है
- नए मॉड्यूल बना सकता है
- ऑनलाइन नेटवर्क चला सकता है
सीमा पार आतंक का यह रूप बेहद खतरनाक और आधुनिक तरीकों पर आधारित है।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग का समय
अब जांच एजेंसियों को:
- अंतरराष्ट्रीय समन्वय
- तकनीकी इंटेलिजेंस
- डिजिटल निगरानी
जैसे प्रयासों को और मजबूत करना होगा।
ये भी पढ़ें: नौगाम पुलिस विस्फोट: नौगाम पुलिस स्टेशन में विस्फोट-9 की मौत, 29 घायल
डॉ. मुज़फ्फ़र राथर को दिल्ली ब्लास्ट मास्टरमाइंड घोषित किया जाना भारत के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत है। यह शिक्षित पेशेवरों द्वारा चलाए जा रहे आधुनिक आतंक नेटवर्क का भयावह उदाहरण है। आने वाले महीनों में भारत की कार्रवाई यह तय करेगी कि इस तरह के नेटवर्क किस हद तक तोड़े जा सकते हैं।
khaberbox.com पर पढ़ें ताजा समाचार (हिंदी समाचार), मनोरंजन, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म, शिक्षा, बाज़ार और प्रौद्योगिकी से जुड़ी हर खबर। समय पर अपडेट या हिंदी ब्रेकिंग न्यूज के लिए खबर बॉक्स चुनें। अपने समाचार अनुभव को और बेहतर बनाएं।

