अमेरिका के कैथोलिक स्कूल में गोलीबारी: दो बच्चों की मौत, 17 घायल; हमलावर ने खुद को मार लिया
मिनियापोलिस, अमेरिका में एक कैथोलिक स्कूल के भीतर सुबह की मास में बच्चों की मौजूदगी के दौरान एक बंदूकधारी ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। यह दुखद घटना पूरे समुदाय को हिला कर रख दिया है।

हमले में कम से कम दो छोटे बच्चे मारे गए, जबकि 17 अन्य घायल हुए, जिनमें से कई बच्चे भी हैं। गोलीबारी करने वाले हमलावर, जिसकी उम्र लगभग 20 साल बताई जा रही है, ने गोलीबारी के बाद आत्महत्या कर ली।
घटना का स्थान और समय
यह घटना बुधवार सुबह मिनियापोलिस के साउथ इलाके में स्थित एन्नन्सिएशन कैथोलिक स्कूल में हुई,
जो एक चर्च के पास है। स्कूल के पहले पूरे साल की मास में जब सैकड़ों बच्चे इकट्ठे थे,
तभी चर्च की स्टेन ग्लास खिड़कियों से गोलीबारी शुरू हो गई।
हर उम्र के लोग जल्दी से बेंच के पीछे छिप गए और एक-दूसरे की सुरक्षा करने की कोशिश की।
पुलिस की रिपोर्ट और हमलावर की जानकारी
मिनियापोलिस पुलिस प्रमुख ब्रायन ओ’हारा ने कहा कि हमलावर के पास एक राइफल, शॉटगन और पिस्टल थे, सभी वैध रूप से प्राप्त। उसने चर्च में कई राउंड फायर करने के बाद खुद को सिर में गोली मारी। अधिकारियों ने हमलावर के पीछे के कारणों की जांच शुरू कर दी है, लेकिन उन्होंने बताया कि हमलावर पहले से ही डिप्रेशन से जूझ रहा था।
पीड़ितों का विवरण
दो बच्चे, 8 और 10 वर्ष के थे, जो मास के दौरान बैठे थे, उनकी मौत हो गई
घायल 17 लोगों में से 14 बच्चे 6 से 15 साल की उम्र के थे, जबकि तीन वृद्ध सदस्य 80 के दशक के करीब हैं।
स्कूल समुदाय, माता-पिता और पड़ोसी इस शोक और सदमे के बीच पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं।
सरकारी प्रतिक्रियाएं
मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज़ ने इस हमले को “अति दुखद” बताते हुए इसे “अकथनीय हिंसा का कृत्य” कहा, जिसने एक शांतिपूर्ण प्रार्थना और पढ़ाई के दिन को बदल दिया। मेयर जैकब फ्रे ने कहा, “चर्च एक सुरक्षित स्थान होना चाहिए, विशेषकर बच्चों के लिए।” उन्होंने लोगों से कहा कि वे इस त्रासदी को राजनीतिक मुद्दा न बनाएं, बल्कि उपचार और कमजोर समुदायों की सुरक्षा पर ध्यान दें।
घटना का प्रभाव और पुनः जांच
यह दुखद घटना अमेरिका में स्कूल और चर्च में हुई कई गोलीबारी की एक और कड़ी है,
जिसने फिर से सशस्त्र नियंत्रण कानूनों को मजबूत करने की मांग को जन्म दिया है।
मार्च फॉर ऑर लाइव्स और मॉम्स डिमांड एक्शन जैसी संस्थाएं इस हिंसा के खिलाफ आवाज उठा रही हैं,
जो सुरक्षा का आशियाना बने ऐसे स्थानों में हो रही है।
अधिकारियों की जांच
एफबीआई और स्थानीय पुलिस ने इस घटना को घरेलू आतंकवाद और कैथोलिकों के विरुद्ध घृणा अपराध के रूप में जांच के दायरे में रखा है। अधिकारियों ने हमलावर के सोशल मीडिया और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है ताकि आगे की स्थिति समझी जा सके।
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स्कूल की प्रतिक्रिया और सहायता
इस घटना के बाद एन्नन्सिएशन कैथोलिक स्कूल ने अपनी कैंपस को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है,
और माता-पिता को बच्चों को सुरक्षित ढंग से लेने के लिए एक पुनर्मिलन व्यवस्था शुरू की है।
मानसिक स्वास्थ्य काउंसलर कर्मचारियों और परिवारों की भावनात्मक सहायता के लिए तैनात किए गए हैं।
सामाजिक संदेश और उम्मीद
देश इस दुखद घटना से एक बार फिर उभरने की कोशिश कर रहा है, साथ ही उम्मीद है कि समुदाय मिलकर बदलाव की मांग करेंगे, सुरक्षा को प्राथमिकता देंगे और बच्चों को बंदूक हिंसा से बचाएंगे। मिनियापोलिस में हुई मासूम जानों की हानि इस बात की कड़वी याद दिलाती है कि ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाना कितना आवश्यक है।
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