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स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल ब्रिटेन छोड़ने का फैसला: क्यों लिया, और कहाँ रहेगा अब उनका नया ठिकाना?

लक्ष्मी मित्तल, जिनसे अक्सर “स्टील किंग” कहा जाता है, ने ब्रिटेन में दशकों तक रहे रहने के बाद एक बड़ा फैसला लिया है — उन्होंने ब्रिटेन छोड़कर नए ठिकाने की ओर कदम बढ़ाया है। सबसे प्रमुख वजह बनी: ब्रिटेन सरकार द्वारा धनी निवासियों और “non-dom” टैक्स पॉलिसियों में बदलाव। ब्रिटेन में लागू हुए नए टैक्स नियम, जिसमें विदेशी आय और विरासत पर भारी कर लगाने की योजना थी, ने मित्तल जैसे उच्च-संपन्न व्यक्तियों के लिए वहाँ रहना मुश्किल कर दिया।

स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल

इसके अलावा, विश्व स्तरीय संपत्ति निवेश और परिवर्तनशील कर नीतियों ने मित्तल को टैक्स-फ्रेंडली विकल्प खोजने हेतु प्रेरित किया।


कहाँ जा रहे हैं मित्तल? नया घर कहाँ बनेगा?

स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल ने शुमार किए गए अपने टैक्स-निवास को स्विट्जरलैंड स्थानांतरित कर लिया है,

और अब वे मुख्य रूप से यूएई (दुबई) में समय बिताने की योजना बना रहे हैं।

दुबई के “एमीराट्स हिल्स” नामक इलाके में उन्होंने एक बेहद महँगा मंसन खरीदा है,

जिसे अक्सर “दुबई का बेवर्ली हिल्स” कहा जाता है।

उनका भविष्य अब ब्रिटेन के बजाय मध्य-पूर्व और टैक्स-लचीले क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है।

इस मंसन की ख़ासतौर पर घोषणा इसलिए भी हुई क्योंकि यह सिर्फ निवास नहीं बल्कि एक प्रतीक-स्थान बन चुका है – दो दशक से अधिक समय से ब्रिटेन में रहे मित्तल अब नए दौर में कदम रख रहे हैं।


क्या यह सिर्फ टैक्स की वजह से?

हालांकि मुख्य वजह टैक्स पॉलिसी बदलाव मानी जा रही है, लेकिन स्थिति इससे कुछ व्यापक है:

  • मित्तल ने भौतिक संपत्तियों के निवेश में विविधता लाई है – ब्रिटेन में लंदन के कंसिंघटन पैलेस गार्डन्स में उनका घर था।
  • दुनिया के प्रमुख उद्योगपतियों में एक प्रवृत्ति बनी है – टैक्स-फ्रेंडली स्थानों की ओर रुख। मित्तल इस प्रवृत्ति का प्रमुख उदाहरण बने हैं।
  • इसके अलावा, मित्तल के समूह की वैश्विक रुझान और कारोबार केंद्र भी बदलते हालात में हैं।

इसलिए उनका फैसला सिर्फ देश छोड़ने का नहीं, बल्कि एक रणनीतिक बदलाव का हिस्सा माना जा रहा है।


ब्रिटेन और भारत के लिए क्या मायने रखता है?

ब्रिटेन के लिए यह एक प्रतीक-स्थिति है – जब इतने बड़े उद्योगपति वहां से बाहर जा रहे हों,

तो यह संकेत है कि टैक्स-नीति और देश की आर्थिक नीतियाँ अभिजात वर्ग को रोक नहीं पा रही हैं।

भारत के लिए भी यह संदेश है कि हमारे लंबे समय से स्थापित उद्योगपति अब वैश्विक रणनीति के अनुसार स्थान-निर्धारण कर रहे हैं।

मित्तल का फैसला यह बताता है कि विदेशों में बसे भारतीय उद्यमियों को भी अब टैक्स-रहित और निवेश-अनुकूल वातावरण की तलाश है।

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एक दौर का अंत और नया आरंभ

स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल का ब्रिटेन छोड़ना सिर्फ व्यक्तिगत निर्णय नहीं,

बल्कि वैश्विक संपत्ति, टैक्स और निवास मॉडल में बदलाव का उदाहरण है।

उनका नया घर, नया ठिकाना उन्हें आने वाले दशक में नई दिशा देगा।

मित्तल ने समय रहते कदम उठाया है – और अब उन्हें नए निवास स्थान में अपनी जिंदगी की अगले चरण में कदम रखते देखा जा रहा है।

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