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Google Pay Kaise Kamata Hai? जब ट्रांजैक्शन फ्री हैं, तो कमाई कहां से होती है?

भारत में डिजिटल पेमेंट की दुनिया तेजी से बदली है। आज किराना दुकान से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग तक, हर जगह UPI का इस्तेमाल हो रहा है। ऐसे में एक सवाल लगभग हर यूजर के मन में आता है – जब PhonePe और Paytm मोबाइल रिचार्ज और बिल पेमेंट पर 1–6 रुपये तक चार्ज लेते हैं, तो Google Pay यह सब पूरी तरह मुफ्त कैसे रखता है? क्या Google Pay घाटे में चल रहा है? या फिर इसकी कमाई का तरीका कुछ अलग है?

Google Pay kaise kamata hai

सबसे पहले यह समझिए: Google Pay एक बैंक नहीं है

यह जानना बहुत जरूरी है कि Google Pay खुद कोई बैंक नहीं है। यह एक UPI प्लेटफॉर्म है, जो बैंकों को यूजर्स से जोड़ता है। UPI सिस्टम पर आम यूजर से ट्रांजैक्शन फीस लेना फिलहाल नियमों के तहत संभव नहीं है।

लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि Google Pay कमाता नहीं है।


Google Pay kaise kamata hai: Google Pay का असली बिजनेस मॉडल क्या है?

Google Pay का मॉडल सीधे यूजर से पैसे कमाने का नहीं, बल्कि इकोसिस्टम बनाकर अप्रत्यक्ष कमाई करने का है।

1. बिजनेस और मर्चेंट से कमाई

हालांकि आम यूजर से कोई फीस नहीं ली जाती, लेकिन:

  • बड़े मर्चेंट
  • ऑनलाइन प्लेटफॉर्म
  • थर्ड पार्टी सर्विस प्रोवाइडर

Google Pay को सर्विस फीस या कमीशन देते हैं।

उदाहरण के लिए:

  • लोन
  • इंश्योरेंस
  • म्यूचुअल फंड
  • टिकट बुकिंग

जैसी सेवाओं पर Google Pay पार्टनर कंपनियों से कमाई करता है।

2. फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग

Google Pay सिर्फ पेमेंट ऐप नहीं है, बल्कि एक डिजिटल फाइनेंस हब बन चुका है।

यह प्लेटफॉर्म:

  • पर्सनल लोन
  • गोल्ड लोन
  • इंश्योरेंस
  • इन्वेस्टमेंट

जैसे प्रोडक्ट्स को प्रमोट करता है।
जब कोई यूजर Google Pay के जरिए इन सेवाओं को लेता है, तो Google को रेफरल या कमीशन मिलता है।

3. डेटा ही असली ताकत है

यहां एक बहुत अहम बात समझनी होगी।

Google Pay:

  • आपकी खरीदारी की आदत
  • पेमेंट पैटर्न
  • खर्च का तरीका

जैसी जानकारी (नियमों और प्राइवेसी के तहत) समझता है।

यह डेटा:

  • Google को बेहतर विज्ञापन दिखाने में मदद करता है
  • बिजनेस इंटेलिजेंस को मजबूत करता है
  • पूरे Google इकोसिस्टम को फायदा पहुंचाता है

यानी Google Pay, Google के लिए एक बड़ा डेटा इंजन है।

4. लॉन्ग-टर्म गेम: पहले यूजर, फिर मुनाफा

Google Pay का फोकस शॉर्ट-टर्म कमाई नहीं है। रणनीति साफ है:

  • पहले ज्यादा से ज्यादा यूजर जोड़ो
  • उन्हें ऐप का आदी बनाओ
  • फिर उन्हें दूसरे Google और फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स से जोड़ो

यही वजह है कि Google Pay:

  • कैशबैक देता है
  • ट्रांजैक्शन फ्री रखता है
  • सिंपल इंटरफेस देता है

PhonePe और Paytm फीस क्यों लेते हैं?

PhonePe और Paytm का बिजनेस मॉडल ज्यादा हद तक:

  • रिचार्ज
  • बिल पेमेंट
  • वॉलेट सेवाओं

पर निर्भर रहा है। इसलिए वे:

  • कुछ सेवाओं पर कंवीनियंस फीस
  • प्लेटफॉर्म चार्ज

लेते हैं ताकि रेवेन्यू बना रहे।

वहीं Google Pay के पास Google का विशाल बिजनेस सपोर्ट है, इसलिए उसे हर ट्रांजैक्शन से पैसा कमाने की मजबूरी नहीं है।


क्या भविष्य में Google Pay भी चार्ज ले सकता है?

यह संभव है, लेकिन:

  • UPI नियम
  • सरकारी नीति
  • प्रतिस्पर्धा

इसे सीमित रखती है।

अगर कभी चार्ज आया भी, तो वह:

  • वैल्यू-ऐडेड सर्विस
  • प्रीमियम फीचर

पर हो सकता है, न कि बेसिक ट्रांजैक्शन पर।

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यूजर के लिए इसका क्या मतलब है?

Google Pay kaise kamata hai: आम यूजर के लिए Google Pay का फ्री होना:

  • सस्ता
  • आसान
  • भरोसेमंद

डिजिटल पेमेंट अनुभव देता है।

लेकिन यह समझना जरूरी है कि अगर आप पैसे नहीं दे रहे, तो आप प्रोडक्ट नहीं – बल्कि इकोसिस्टम का हिस्सा हैं।

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