कोहरे में ड्राइविंग सेफ्टी: कोहरे में ड्राइविंग क्यों बन जाती है खतरनाक
सर्दियों के मौसम में कोहरा सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आता है। दृश्यता अचानक कम हो जाती है, सड़क के संकेत दिखना बंद हो जाते हैं और सामने चल रहे वाहन का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे हालात में थोड़ी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे में बदल सकती है। इसलिए कोहरे में सफर करते समय सिर्फ सावधानी ही नहीं, बल्कि सही सेफ्टी टूल्स का साथ होना भी बेहद जरूरी है।
कोहरे में ड्राइविंग सेफ्टी: सुरक्षित ड्राइविंग के लिए कुछ जरूरी आदतें
सिर्फ सेफ्टी टूल्स होना काफी नहीं है, उन्हें सही तरीके से इस्तेमाल करना भी उतना ही जरूरी है। कोहरे में हमेशा धीमी गति से चलें, आगे वाले वाहन से पर्याप्त दूरी रखें और अचानक ब्रेक लगाने से बचें। रेडियो या म्यूजिक की आवाज़ कम रखें, ताकि आप बाहर की आवाज़ें सुन सकें।
1. फॉग लाइट्स
कोहरे में ड्राइविंग सेफ्टी: फॉग लाइट्स कोहरे में आपकी सबसे बड़ी मददगार होती हैं। ये लाइट्स नीचे की ओर रोशनी देती हैं, जिससे सड़क की सतह और किनारे साफ दिखाई देते हैं। सामान्य हेडलाइट्स की तुलना में फॉग लाइट्स कोहरे में कम रिफ्लेक्शन करती हैं, इसलिए इन्हें सही ढंग से इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है।
2. रिफ्लेक्टिव वार्निंग ट्रायंगल
अगर किसी वजह से आपकी कार कोहरे में सड़क किनारे रुक जाती है, तो रिफ्लेक्टिव वार्निंग ट्रायंगल आपकी सुरक्षा के लिए अनिवार्य हो जाता है। इसे कार से कुछ दूरी पर लगाने से पीछे से आने वाले ड्राइवरों को समय रहते संकेत मिल जाता है और टक्कर का खतरा कम हो जाता है।
3. एंटी-फॉग स्प्रे या डीफॉगर
कोहरे के दौरान केवल बाहर की दृश्यता ही नहीं, बल्कि कार के अंदर शीशों पर जमने वाली भाप भी परेशानी पैदा करती है। एंटी-फॉग स्प्रे या कार का डीफॉगर शीशों को साफ रखता है, जिससे ड्राइवर को स्पष्ट दृश्य मिलता है और ध्यान भटकता नहीं।
4. इमरजेंसी किट
कोहरे में अगर कार खराब हो जाए या रास्ते में रुकना पड़े, तो इमरजेंसी किट बहुत काम आती है। इस किट में टॉर्च, अतिरिक्त बैटरी, प्राथमिक चिकित्सा सामग्री, दस्ताने और कंबल जैसी चीजें होनी चाहिए। ठंड और कम दृश्यता में ये छोटी-छोटी चीजें बड़ी राहत देती हैं।
5. हाई-विजिबिलिटी जैकेट
अगर आपको कोहरे में कार से बाहर निकलना पड़े, तो हाई-विजिबिलिटी जैकेट पहनना बेहद जरूरी है। इससे आप दूर से ही अन्य ड्राइवरों को दिखाई देने लगते हैं और दुर्घटना का जोखिम कम होता है।
6. ठीक से काम करने वाला हॉर्न
कोहरे में कई बार सामने से आ रहा वाहन दिखाई नहीं देता।
ऐसे में हॉर्न आपकी मौजूदगी का संकेत देता है।
ध्यान रखें कि हॉर्न जरूरत के मुताबिक ही इस्तेमाल करें, ताकि भ्रम न फैले।
7. टायर और ब्रेक की सही स्थिति
हालांकि यह कोई अलग टूल नहीं है
लेकिन कोहरे में ड्राइविंग से पहले टायरों की ग्रिप और ब्रेक की हालत जरूर जांच लें।
गीली और ठंडी सड़कों पर कमजोर टायर या ब्रेक हादसे की वजह बन सकते हैं।
इसे भी पढ़ें: तेज रफ्तार का कहर: रोड डिवाइडर से टकराया पिकअप ट्रक
8. जीपीएस और मोबाइल चार्जर
कम दृश्यता में रास्ता भटकने की संभावना बढ़ जाती है।
ऐसे में जीपीएस आपकी मदद करता है।
साथ ही मोबाइल चार्जर रखना भी जरूरी है, ताकि आपात स्थिति में फोन बंद न हो।
khaberbox.com पर पढ़ें ताजा समाचार (हिंदी समाचार), मनोरंजन, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म, शिक्षा, बाज़ार और प्रौद्योगिकी से जुड़ी हर खबर। समय पर अपडेट या हिंदी ब्रेकिंग न्यूज के लिए खबर बॉक्स चुनें। अपने समाचार अनुभव को और बेहतर बनाएं।

