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महंगाई और बेरोजगारी ने तोड़ा सब्र, ईरान में विरोध प्रदर्शन, सड़कों पर उतरा जनाक्रोश

पश्चिम एशिया का देश ईरान इन दिनों गंभीर आर्थिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा है। बढ़ती महंगाई, लगातार घटती क्रय शक्ति और बेरोजगारी की मार ने आम लोगों का सब्र तोड़ दिया है। हालात इतने बिगड़ गए कि देश के कई शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन शुरू हो गए। इस जनाक्रोश का असर इतना गहरा रहा कि आखिरकार ईरान के सेंट्रल बैंक प्रमुख को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। ईरान में विरोध प्रदर्शन

ईरान में विरोध प्रदर्शन

ईरान में विरोध प्रदर्शन, रोजमर्रा की जिंदगी बन गई है चुनौती

ईरान में आम आदमी की जिंदगी पिछले कुछ समय से बेहद मुश्किल होती जा रही है। खाने-पीने की चीजें, ईंधन और जरूरी सामान की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जबकि आय के स्रोत सिमटते जा रहे हैं। बेरोजगार युवाओं की संख्या में इजाफा हुआ है और जिनके पास नौकरी है, उनकी सैलरी महंगाई के मुकाबले काफी पीछे छूट चुकी है। ऐसे में लोगों के गुस्से का फूट पड़ना लगभग तय माना जा रहा था।


सड़कों पर दिखा गुस्सा, सरकार के खिलाफ नारे

ईरान में विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सरकार की आर्थिक नीतियों और सेंट्रल बैंक की भूमिका पर सवाल खड़े किए। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा। यह सिर्फ किसी एक शहर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अलग-अलग इलाकों में फैलता चला गया। सोशल मीडिया पर भी इन प्रदर्शनों के वीडियो तेजी से वायरल हुए, जिससे सरकार पर दबाव और बढ़ गया।


सेंट्रल बैंक प्रमुख का इस्तीफा

जनता के बढ़ते दबाव और राजनीतिक अस्थिरता के बीच आखिरकार ईरान का सेंट्रल बैंक प्रमुख को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। हालांकि सरकार की ओर से आधिकारिक बयान में इस्तीफे को “प्रशासनिक फैसला” बताया गया, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम सीधे तौर पर जनता के गुस्से और विरोध प्रदर्शनों का नतीजा है। लोगों का मानना था कि सेंट्रल बैंक की नीतियों के कारण मुद्रा कमजोर हुई और महंगाई बेकाबू हो गई।


आर्थिक संकट के पीछे क्या हैं कारण?

ईरान की अर्थव्यवस्था लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों, कमजोर मुद्रा और निवेश की कमी से जूझ रही है। तेल निर्यात पर असर, विदेशी मुद्रा की कमी और आंतरिक प्रबंधन की समस्याओं ने हालात को और खराब कर दिया है। बेरोजगारी बढ़ने से युवाओं में निराशा फैल रही है, जो अब सड़कों पर गुस्से के रूप में नजर आ रही है।


सरकार के लिए बड़ी चुनौती

ईरान सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती लोगों का भरोसा वापस जीतना है।

सिर्फ एक अधिकारी का इस्तीफा देने से हालात पूरी तरह नहीं बदलेंगे।

जनता ठोस सुधार, रोजगार के अवसर और महंगाई पर नियंत्रण चाहती है।

अगर सरकार ने जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो विरोध प्रदर्शन और तेज हो सकते हैं।

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अंतरराष्ट्रीय नजरें ईरान पर टिकीं

ईरान में हो रहे इन प्रदर्शनों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजर है।

तो इसका असर देश की राजनीतिक स्थिरता पर भी पड़ सकता है।

यह स्थिति न केवल ईरान के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बन सकती है।

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